&format=webp&quality=medium)
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग (Photo: PTI)
देश में पेट्रोल-डीजल की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है. इस विषय पर दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है. इसमें आग्रह किया है कि लंबे समय से व्यापारी, फैक्ट्री ओनर और आम आदमी पेट्रोल और डीजल के जीएसटी में लाने की मांग कर रहे हैं. CTI का कहना है कि GST के दायरे में आने से पेट्रोल और डीजल के दाम 15-20% तक सस्ते जाएंगे. पेट्रोल-डीजल सस्ते होने से महंगाई भी कम होगी. आपको बता दें कि शनिवार सुबह दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे की बढ़ोतरी की है.
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अगर हम दिल्ली की बात करें तो 22 मई तक के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल का वास्तविक मूल्य 66.29 रुपए था, इस पर एक्साइज ड्यूटी 11.90 रुपए और VAT 16.03 रुपए लगता है जबकि डीलर मार्जिन 4.42 रूपए था.
एक्साइज ड्यूटी और वैट मिलाकर 42% टैक्स
बृजेश गोयल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि 2017 में जब GST लागू किया गया था तो वन नेशन वन टैक्स की बात कही गई थी और कहा गया था कि देश में हर चीज पर एक समान टैक्स होगा और एक समान रेट होगा.
28%,18% स्लैब में शामिल हो पेट्रोल-डीजल
सीटीआई चेयरैन बृजेश गोयल ने कहा है कि एक विकल्प यह है कि अभी एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल और डीजल पर रुपये प्रति लीटर लगती है, जो कि पूरे देश में एक है. इसके ऊपर हर राज्य अपने हिसाब से वैट की दर वसूलते हैं, जिस तरह एक्साइज ड्यूटी रुपये प्रति लीटर पर लगता है, उसी तरह जीएसटी को भी रुपये प्रति लीटर लगाया जाए. इससे सरकार को राजस्व में भी नुकसान नहीं होगा, सभी राज्य आसानी से संतुष्ट हो सकते हैं.