पीएम मोदी को व्यापार संगठन CTI का पत्र, पेट्रोल-डीजल को GST में लाने की मांग, कहा-'20% तक घटेंगे दाम'

देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इस विषय पर दिल्ली और देश में व्यापारियों औ उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अपील की है.
पीएम मोदी को व्यापार संगठन CTI का पत्र, पेट्रोल-डीजल को GST में लाने की मांग, कहा-'20% तक घटेंगे दाम'

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग (Photo: PTI)

देश में पेट्रोल-डीजल की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है. इस विषय पर दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है. इसमें आग्रह किया है कि लंबे समय से व्यापारी, फैक्ट्री ओनर और आम आदमी पेट्रोल और डीजल के जीएसटी में लाने की मांग कर रहे हैं. CTI का कहना है कि GST के दायरे में आने से पेट्रोल और डीजल के दाम 15-20% तक सस्ते जाएंगे. पेट्रोल-डीजल सस्ते होने से महंगाई भी कम होगी. आपको बता दें कि शनिवार सुबह दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे की बढ़ोतरी की है.

पेट्रोल का वास्तिवक मूल्य 66.29 रुपए

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अगर हम दिल्ली की बात करें तो 22 मई तक के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल का वास्तविक मूल्य 66.29 रुपए था, इस पर एक्साइज ड्यूटी 11.90 रुपए और VAT 16.03 रुपए लगता है जबकि डीलर मार्जिन 4.42 रूपए था.

एक्साइज ड्यूटी और वैट मिलाकर 42% टैक्स

  • डीजल का वास्तविक मूल्य 67.36 रुपए, एक्साइज ड्यूटी 7.80 रूपए और VAT 13.39 रुपए था जबकि डीलर मार्जिन 3.03 रूपए था.
  • CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बयान जारी करके बताया कि आज के समय में पेट्रोल के वास्तविक मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को मिलाकर लगभग 42% टैक्स लगता है जबकि डीजल पर लगभग 32% टैक्स लगता है.
  • CTI के मुताबिक देश में तेलंगाना में पेट्रोल सबसे महंगा है क्योंकि तेलंगाना में पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट 35.2% लगता है जबकि अंडमान निकोबार में पेट्रोल डीजल पर केवल 1% वैट लगने के कारण वहां सबसे सस्ता है.

2017 में लागू हुआ था GST

बृजेश गोयल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि 2017 में जब GST लागू किया गया था तो वन नेशन वन टैक्स की बात कही गई थी और कहा गया था कि देश में हर चीज पर एक समान टैक्स होगा और एक समान रेट होगा.

28%,18% स्लैब में शामिल हो पेट्रोल-डीजल

  • पेट्रोल डीजल पर सभी राज्य मनमानी करते हुए अपने अपने हिसाब से वैट वसूल रहे हैं जिसके कारण हर राज्य में पेट्रोल डीजल की दरें अलग अलग है, इसके कारण वन नेशन वन टैक्स की अवधारणा पर भी कुठाराघात हो रहा है.
  • पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को समाप्त करके GST के दायरे में लाया जाए तो ना केवल पूरे देश में पेट्रोल डीजल की दरें एक समान हो जाएंगी बल्कि पेट्रोल डीजल की दरों में भी कमी हो जाएगी.
  • सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अगर पेट्रोल डीजल को GST के स्लैब 28% या 18% में शामिल किया जाए तो पेट्रोल डीजल की दरों में 15-20 % कमी हो सकती है.

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सरकार को राजस्व का नहीं होगा नुकसान

सीटीआई चेयरैन बृजेश गोयल ने कहा है कि एक विकल्प यह है कि अभी एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल और डीजल पर रुपये प्रति लीटर लगती है, जो कि पूरे देश में एक है. इसके ऊपर हर राज्य अपने हिसाब से वैट की दर वसूलते हैं, जिस तरह एक्साइज ड्यूटी रुपये प्रति लीटर पर लगता है, उसी तरह जीएसटी को भी रुपये प्रति लीटर लगाया जाए. इससे सरकार को राजस्व में भी नुकसान नहीं होगा, सभी राज्य आसानी से संतुष्ट हो सकते हैं.

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