India-Pak Tensions: सेना प्रमुख को टेरिटोरियल आर्मी बुलाने का मिला अधिकार, 3 साल तक रहेगा आदेश लागू

सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी की मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान और निकोबार कमान और सेना के क्षेत्रों में तैनाती के लिए मंजूरी दी है.
India-Pak Tensions: सेना प्रमुख को टेरिटोरियल आर्मी बुलाने का मिला अधिकार, 3 साल तक रहेगा आदेश लागू

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच थल सेनाध्यक्ष (आर्मी चीफ) को टेरिटोरियल आर्मी के "हर अधिकारी और हर नामांकित व्यक्ति" को सक्रिय ड्यूटी पर बुलाने का अधिकार दिया. ये फैसला टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के नियम 33 के तहत दी गई शक्तियों के अंतर्गत लिया गया. रक्षा मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी की मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान और निकोबार कमान और सेना के क्षेत्रों में तैनाती के लिए मंजूरी दी है.

रक्षा मंत्रालय की अधिसूचना में क्या कहा गया?

रक्षा मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, "टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के नियम 33 की तरफ से दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार थल सेनाध्यक्ष को उस नियम के तहत शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार देती है ताकि वो टेरिटोरियल आर्मी के प्रत्येक अधिकारी और प्रत्येक नामांकित व्यक्ति को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने या नियमित सेना की सहायता या उसे मजबूत करने के उद्देश्य से बुला सकें."

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3 साल की अवधि के लिए हैं ये आदेश

इसमें आगे कहा गया, "मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों (टेरिटोरियल आर्मी) में से, 14 इन्फैंट्री बटालियनों (टेरिटोरियल आर्मी) को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान और निकोबार कमान और सेना के क्षेत्रों में तैनाती के लिए संगठित किया जाएगा." ये आदेश तीन साल की अवधि के लिए, फरवरी 2028 तक प्रभावी रहेगा.

कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ!

पाकिस्तान ने गुरुवार रात भारत की पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के इलाकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलों से कई समन्वित हमले किए. भारतीय रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों को भारत की वायु रक्षा प्रणालियों, जिसमें S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली भी शामिल है, द्वारा बड़े पैमाने पर रोक दिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

येकार्रवाई भारत द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हुई है, जिसमें 22 अप्रैल को कश्मीर में 26 पर्यटकों की जान लेने वाले घातक आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था. स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरतने और राजनयिक बातचीत की अपील की जा रही है.

ANI से इनपुट

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