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एम्स डायरेक्टर डॉ. गुलेरिया ने कही यह बात.
Omicron Variant: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने 28 नवंबर रविवार को राज्यों को चिट्ठी लिखकर 'ओमीक्रोन' (Omicron) वैरिएंट पर अहम निर्देश दिए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर 'ओमीक्रोन' (Omicron) को लेकर अलर्ट रहने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आने वाले दिनों में अलर्ट रहने की नसीहत दी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस चिट्टी में राज्यों को कोविड अस्पताल को तैयार रखने को कहा है. साथ ही टेस्टिंग, ट्रेसिंग बढ़ाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देने और वैक्सीन कवरेज में तेजी लाने की सलाह दी है. इसके अलावा कंटेंमेंट और ऐक्टिव surveillance उपायों को लागू करने के लिए तैयार रहने को कहा है. माना जा रहा है कि नया वेरिएंट काफी खरनाक है. ऐसे में कई देशों ने सख्ती से इसके खिलाफ देश में कुछ चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया है.
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वहीं इस मामले पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस के नए ओमिक्रोन स्वरूप के स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में 30 से अधिक परिवर्तन मिले हैं जो इसे प्रतिरक्षा तंत्र से बचने की क्षमता विकसित करने में मदद कर सकता है और इसलिए इसके खिलाफ टीकों की प्रभावशीलता का मूल्याकंन गंभीरता से करने की जरूरत है. स्पाइक प्रोटीन की उपस्थिति पोषक कोशिका में वायरस के प्रवेश को आसान बनाती है और इसे फैलने देने और संक्रमण पैदा करने के लिए जिम्मेदार है.
एम्स के निदेशक डॉ गुलेरिया ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप में स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में कथित तौर पर 30 से अधिक उत्परिवर्तन हुए हैं और इसलिए इसके प्रतिरक्षा तंत्र से बच निकलने की क्षमता विकसित करने की संभावना है. अधिकांश टीके स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाकर काम करते हैं, इसलिए स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में इतने सारे परिवर्तन से कोविड-19 टीकों की प्रभावशीलता कम हो सकती है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वायरस के नए स्वरूप में अब तक लगाए गए टीकों के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता होने की संभावना के मद्देनजर पूरी दुनिया में महामारी को लेकर चिंता है और लॉकडाउन संबंधी प्रतिबंधों के अपेक्षाकृत अधिक समय तक लागू रहने की आशंका है. उल्लेखनीय है कि गत दो साल से जारी महामारी की वजह से पूरी दुनिया में 50 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और इस नए खतरे के प्रति पूरी दुनिया के देश हाई अलर्ट पर हैं.