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केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन (FDC) वाली 35 दवाओं के उत्पादन, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी है. ये आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया गया है. इन 35 दवाइयों में पेन किलर, डायबिटीज़ और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स की दवाइयां भी शामिल हैं. ड्रग कंट्रोलर ने अपनी जांच के दौरान पाया कि कई राज्यों ने प्रतिबंधित दवाओं के लाइसेंस भी बांट दिए. राज्यों ने लाइसेंस देते वक्त न नियम को देखा और न ही इसकी जांच की. इन दवाओं का सेहत पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं दिखने की वजह से ये फैसला लिया गया है.
CDSCO ने कंपनियों को किसी नए FDC के उत्पादन से पहले मंजूरी लेने के निर्देश दिए हैं. साथ ही बच्चों के लिए सर्दी, खांसी, जुकाम की दवाओं पर वार्निंग लिखने के निर्देश दिए हैं. ड्रग कंट्रोलर के मुताबिक ऐसे कॉम्बिनेशन 4 साल या उससे कम के बच्चों के लिए नहीं हैं. सीडीएससीओ ने सभी औषधि नियंत्रकों से कहा है वह निश्चित खुराक संयोजन दवाओं (एफडीसी) को लाइसेंस देने की प्रक्रिया की समीक्षा करें. साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमों के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराएं.
फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन (Fixed Dose Combination Drugs) दवाएं वे फार्मुलेशन हैं जिनमें दो या दो से अधिक सक्रिय फार्मास्युटिकल सॉल्ट (APIs) एक ही डोज़ में होते हैं. FDC दवाएं मरीजों के इलाज को सरल बनाने, उनके इलाज के अनुपालन को बढ़ाने और दवाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने में मदद करती हैं. सेहत से जुड़ी कई बीमारियों में इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है.
बता दें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organization) भारत सरकार की National Regulatory Authority है जो फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधनों के लिए मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है. ये अथॉरिटी ये सुनिश्चित करती है कि केवल हाई क्वालिटी वाले, सुरक्षित और प्रभावी उत्पाद बाजार में उपलब्ध हों.