CBSE 10th Board Exam: आसान भाषा में समझें साल में दो बार क्यों होगी परीक्षा और क्या होंगे नियम? पढ़ें पूरा शेड्यूल 

इस बदलाव का मकसद छात्रों पर परीक्षा के दबाव को कम करना और उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने का एक और मौका देना है.चलिए जानते हैं फाइनल शेड्यूल.
CBSE 10th Board Exam: आसान भाषा में समझें साल में दो बार क्यों होगी परीक्षा और क्या होंगे नियम? पढ़ें पूरा शेड्यूल 

CBSE ने बड़ा ऐलान कर दिया है. अब 10वीं के छात्र-छात्राओं की साल में 2 बार परीक्षा ली जाएगी. पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी और दूसरी परीक्षा मई के महीने में होगी. पहली परीक्षा मुख्य परीक्षा होगी और दूसरी परीक्षा सुधार परीक्षा कहलाएगी. इस बदलाव का मकसद छात्रों पर परीक्षा के दबाव को कम करना और उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने का एक और मौका देना है.चलिए जानते हैं फाइनल शेड्यूल.

क्यों लिया गया ये फैसला?

काफी समय से ये महसूस किया जा रहा था कि साल में सिर्फ एक बार बोर्ड परीक्षा छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव डालती है. एक परीक्षा के खराब प्रदर्शन का असर उनके पूरे भविष्य पर पड़ सकता है, जिससे उनमें चिंता और निराशा बढ़ती है. शिक्षा मंत्रालय और CBSE ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया है.

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कब से होगा नया नियम लागू? कैसे होगी परीक्षा?

CBSE की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, नया नियम अगले एकेडमिक सेशन (Academic Session) से लागू होने की संभावना है. हालांकि, अंतिम और विस्तृत शेड्यूल बोर्ड द्वारा जल्द ही जारी किया जाएगा.

आसान भाषा में समझें नया बदलाव

1. साल में दो बार बोर्ड परीक्षा का मौका:

पहली परीक्षा जरूरी होगी

2. सुधार परीक्षा में बैठने के नियम:

जो छात्र पास हो गए हैं, वो विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी 3 विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं. लेकिन अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में 3 या उससे ज़्यादा विषयों में नहीं बैठा, तो वो दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा.

3. खास छात्रों के लिए विशेष छूट:

खिलाड़ी छात्र: जिनकी परीक्षा उनके खेल कार्यक्रम से टकरा रही हो, वो उन विषयों की दूसरी परीक्षा दे सकते हैं.

सर्दी वाले इलाकों के छात्र: वो पहली या दूसरी परीक्षा – किसी एक में बैठने का चुनाव कर सकते हैं.

दिव्यांग छात्र: जैसी सहूलियत उन्हें पहली परीक्षा में मिलती है, वही दूसरी परीक्षा में भी मिलेगी.

4- आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment):

ये सिर्फ एक बार किया जाएगा – पहली (मुख्य) परीक्षा से पहले.

5. परीक्षा का समय:

पहली परीक्षा – फरवरी के मध्य में हो सकता है.
दूसरी परीक्षा – मई में.

6. परीक्षा में कौन-कौन बैठ सकता है:

पहली परीक्षा:

नए छात्र, पिछली बार फेल या कंपार्टमेंट वाले छात्र, और जो छात्र सुधार करना चाहते हैं.

दूसरी परीक्षा:

सुधार के लिए (3 विषय तक), कंपार्टमेंट वाले, विषय बदलने के बाद पास हुए छात्र.

7. पाठ्यक्रम (Syllabus):

दोनों परीक्षाएं पूरे साल के पूरे पाठ्यक्रम पर होंगी.
पढ़ाई और पेपर देने का तरीका पहले जैसा ही रहेगा.

8. परीक्षा फ़ॉर्म (LOC):

पहली परीक्षा के लिए LOC भरना ज़रूरी होगा.
दूसरी परीक्षा के लिए अलग से LOC भरा जाएगा, लेकिन इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा.

विषय बदले नहीं जा सकते, सिर्फ नीति में बताए गए मामलों को छोड़कर.

9. रिजल्ट और डॉक्यूमेंट:

पहली परीक्षा का रिजल्ट – अप्रैल में,
दूसरी परीक्षा का रिजल्ट – जून में.

पहली परीक्षा का रिजल्ट DigiLocker पर मिलेगा, जिससे कक्षा 11वीं में अस्थायी दाखिला लिया जा सकेगा.

पासिंग सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज़ दूसरी परीक्षा के बाद ही मिलेंगे.

10. रिजल्ट के बाद की सुविधाएं:

फोटोकॉपी, वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन – ये सब दूसरी परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद ही मिलेंगी.

11वीं में दाखिला कैसे होगा?

जो छात्र पहली परीक्षा में पास नहीं हुए हैं, उन्हें अस्थायी दाखिला मिलेगा.

दूसरी परीक्षा पास करने पर उनका दाखिला पक्का हो जाएगा.

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