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मोडिफाइड उड़ान स्कीम को कैबिनेट से मिली मंजूरी (फाइल फोटो)
देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने Modified UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) स्कीम को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस योजना को FY27 से FY36 तक 10 साल के लिए लागू करने का फैसला लिया गया है.
इस स्कीम के लिए सरकार ने 28,840 करोड़ रुपए का बड़ा बजट तय किया है, जिससे देश के छोटे शहरों, दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में हवाई यात्रा को आसान और सस्ता बनाया जा सके.
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सरकार का फोकस इस बार सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यटन और व्यापार को गति देने पर भी है. खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों को एयर नेटवर्क से जोड़ने के जरिए नई संभावनाएं पैदा करने की कोशिश की जा रही है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस स्कीम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि Modified UDAN देश में एक सस्टेनेबल और मजबूत एविएशन इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा.
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इस योजना का एक बड़ा हिस्सा नए एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से जुड़ा है. सरकार अगले 8 साल में करीब 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना बना रही है, जो अभी तक उपयोग में नहीं आए एयरस्ट्रिप्स पर बनाए जाएंगे. इस काम के लिए ₹12,159 करोड़ का कैपेक्स तय किया गया है.
केवल एयरपोर्ट बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें चलाना भी एक बड़ी चुनौती होती है. खासकर छोटे शहरों के एयरपोर्ट में राजस्व सीमित होता है, जबकि खर्च ज्यादा होता है. इसके तहत हर एयरपोर्ट को 3 साल तक प्रति वर्ष ₹3.06 करोड़ तक की मदद दी जाएगी.
वहीं हेलिपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम के लिए यह मदद ₹0.90 करोड़ सालाना होगी. सरकार का अनुमान है कि करीब 441 एयरोड्रोम इस सहायता का लाभ उठाएंगे, जिसके लिए ₹2,577 करोड़ का बजट तय किया गया है.
Modified UDAN स्कीम का एक अहम पहलू दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना भी है. इसके लिए सरकार ने 200 आधुनिक हेलिपैड बनाने की योजना बनाई है. हर हेलिपैड पर करीब ₹15 करोड़ का खर्च आएगा और कुल मिलाकर इस प्रोजेक्ट पर ₹3,661 करोड़ खर्च किए जाएंगे.
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एयरलाइन कंपनियों के लिए भी इस स्कीम में बड़ा प्रावधान किया गया है. कई बार छोटे रूट्स पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण एयरलाइंस को नुकसान उठाना पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार Viability Gap Funding (VGF) देगी, ताकि कंपनियां इन रूट्स पर सेवाएं जारी रख सकें. इसके लिए ₹10,043 करोड़ का फंड निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्रीय हवाई मार्गों को लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा सके.
सरकार ने इस स्कीम के जरिए घरेलू एयरोस्पेस सेक्टर को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है. ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत छोटे विमानों और हेलीकॉप्टरों की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत HAL Dhruv हेलीकॉप्टर और HAL Dornier एयरक्राफ्ट की खरीद की जाएगी. ये विमान खासतौर पर कठिन इलाकों में ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, जहां बड़े कमर्शियल विमान आसानी से नहीं पहुंच पाते.
साल 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 663 रूट्स ऑपरेशनल हो चुके हैं, जो 95 एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम को जोड़ते हैं. पिछले 9 साल में इस स्कीम के जरिए 3.41 लाख से ज्यादा उड़ानें संचालित की गई हैं और करीब 162.47 लाख यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है.
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