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ATF कीमतों में तेजी को देखते हुए फंड को मिली मंजूरी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार की मीटिंग में ATF Price Stabilisation Fund बनाने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए करीब ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ATF की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर एयरलाइन कंपनियों की लागत और यात्रियों के किराए पर पड़ रहा है.
सरकार ने ATF की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए यह फंड बनाने का फैसला किया है. इसके तहत घरेलू विमानन परिचालन के लिए ATF की कीमत करीब ₹75.6 प्रति लीटर के स्तर पर रखने का प्रयास किया जाएगा.
इस कदम का मकसद एयरलाइन कंपनियों को बढ़ती ईंधन लागत से राहत देना और हवाई किरायों में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोकना है.
ATF एयरलाइन कंपनियों की कुल ऑपरेटिंग लागत का बड़ा हिस्सा होता है. ईंधन महंगा होने पर कंपनियां आमतौर पर टिकट कीमतें बढ़ाती हैं या फिर उड़ानों की संख्या घटाने पर मजबूर हो जाती हैं.
सरकार के इस फैसले से:

कैबिनेट के इस फैसले के बाद एविएशन सेक्टर की कंपनियां निवेशकों के रडार पर रह सकती हैं. खासतौर पर InterGlobe Aviation (IndiGo) और SpiceJet को इस फैसले से फायदा मिलने की उम्मीद है क्योंकि ATF लागत उनके मुनाफे पर सीधा असर डालती है. Indigo का शेयर 1.57% तेजी के साथ 4,536 के भाव पर बंद हुआ है. SpiceJet का शेयर 1.89% की बढ़त के साथ 12.42 रुपये के भाव पर बंद हुआ है.
अगर ईंधन लागत नियंत्रित रहती है तो एयरलाइन कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हो सकता है.
इंडिगो ने ATF की कीमतों को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. एयरलाइन के अनुसार, यह समय पर उठाया गया कदम विमानन क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है और यह दिखाता है कि सरकार देश की कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और विमानन क्षेत्र की अहम भूमिका को समझती है. कंपनी का मानना है कि इस फैसले से एयरलाइंस यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने में सक्षम होंगी और भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.
हाल के हफ्तों में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल और ATF की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. इसी वजह से सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए यह फंड बनाने का फैसला किया है ताकि एविएशन सेक्टर पर पड़ने वाले निगेटिव असर को कम किया जा सके.