BPCL ने प्राइवेटाइजेशन से पहले कर्मचारियों को शेयर ऑफर किया, कीमत बाजार से कम

कंपनी में सरकार की शेयरधारिता में कोई बदलाव नहीं होगा. सरकार बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी रणनीतिक निवेशक को बेचने जा रही है.
BPCL ने प्राइवेटाइजेशन से पहले कर्मचारियों को शेयर ऑफर किया, कीमत बाजार से कम

कंपनी इससे पहले अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लेकर आई थी. (रॉयटर्स)

पब्लिक सेक्टर की कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (BPCL) ने अपने कर्मचारियों को बाजार कीमत से एक-तिहाई दाम पर शेयर ऑप्शन की पेशकश की है. प्राइवेटाइजेशन से पहले अपने कर्मचारियों को अवॉर्ड देने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की शुक्रवार को हुई बैठक में प्रस्तावित कर्मचारी शेयर खरीद योजना (ESPS) को मंजूरी दी गई. इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी.

हालांकि, बीपीसीएल ने इसका ब्योरा नहीं दिया है, लेकिन मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि ‘बीपीसीएल ट्रस्ट फॉर इन्वेस्टमेंट इन शेयर्स’ के पास कंपनी की चुकता शेयर पूंजी में 9.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इसमें से दो प्रतिशत हिस्सेदारी की पेशकश कर्मचारियों को पिछले छह माह के औसत दाम के एक-तिहाई मूल्य पर की जाएगी.

कंपनी में सरकार की शेयरधारिता में कोई बदलाव नहीं होगा. सरकार बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी रणनीतिक निवेशक को बेचने जा रही है. कंपनी के प्राइवेटाइजेशन के लिए अनुरोध पत्र (ईओआई) देने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2020 है.

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कंपनी इससे पहले अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लेकर आई थी. इसमें जिन कर्मचारी की उम्र 45 साल से ज्यादा थी, उन्हें वीआरएस ऑफर किया गया था. इसमें सरकार देश की तीसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी का प्राइवेटाइजेशन (privatization) करने जा रही है. बीपीसीएल (BPCL) में सरकार अपनी पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. कंपनी में करीब 20,000 कर्मचारी हैं.

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बीपीसीएल के पास चार रिफाइनरियां हैं. इनकी क्षमता 3.83 करोड़ टन है. आंकड़ों की मानें तो भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (BPCL) के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एजेंसी हैं. बताया जा रहा है कि सरकार को इस हिस्सेदारी बिक्री से करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे.

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