Bihar Elections 2025: आज हो सकता है चुनाव की तारीखों का ऐलान! शाम 4 बजे इलेक्‍शन कमीशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान आज शाम 4 बजे हो सकता है. चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. जानिए क्या हैं नई व्यवस्थाएं, वेबकास्टिंग से लेकर मोबाइल फोन की अनुमति तक, इस बार वोटिंग प्रक्रिया में क्या होगा नया.
Bihar Elections 2025: आज हो सकता है चुनाव की तारीखों का ऐलान! शाम 4 बजे इलेक्‍शन कमीशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस 

देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले बिहार राज्य में एक बार फिर चुनावी गहमागहमी तेज़ होने वाली है. बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज, यानी 6 अक्टूबर को हो सकता है. चुनाव आयोग ने शाम 4 बजे एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के अगले सियासी संग्राम का बिगुल बजेगा. राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है, इसलिए इस तारीख से पहले चुनाव संपन्न कराना ज़रूरी है.

पिछली बार तीन चरणों में हुआ था मतदान

बता दें कि पिछला विधानसभा चुनाव साल 2020 में हुआ था. इस चुनाव को तीन चरणों में संपन्‍न कराया गया था.

  • पहला चरण: 28 अक्टूबर 2020 को 71 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई थी.
  • दूसरा चरण: 3 नवंबर 2020 को 94 सीटों पर मतदान हुआ था.
  • तीसरा चरण: 7 नवंबर 2020 को 78 सीटों पर वोट डाले गए थे.

मतगणना 10 नवंबर को हुई थी, जिसने राज्य में नई सरकार का रास्ता साफ किया था. इस बार भी देखना होगा कि चुनाव आयोग कितने चरणों में मतदान कराने का फैसला लेता है.

चुनाव आयोग की तैयारी

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने रविवार को ही अपना दो दिवसीय बिहार दौरा खत्म किया है. इस दौरे के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में चुनाव तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की. इस समीक्षा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ये घोषणा की कि बिहार विधानसभा चुनाव से कई नई पहलों की शुरुआत की जाएगी, जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को और बेहतर बनाना है.

इस बार चुनाव में क्या होगा खास?

चुनाव आयोग ने इस बार मतदाताओं की सुविधा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. ये पहलें निश्चित रूप से इस बार के चुनाव को और भी खास बनाएंगी:

सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग

इस बार सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा लागू की जाएगी. इसका मतलब है कि मतदान प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की धांधली की संभावना कम होगी.

EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें

अब जब मतदाता वोट डालने जाएंगे, तो उन्हें EVM मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम के साथ उनकी रंगीन तस्वीरें भी दिखाई देंगी. इससे मतदाताओं को सही उम्मीदवार की पहचान करने में आसानी होगी और गलती की गुंजाइश कम होगी.

बड़ी अक्षरों में मतदाता पर्ची

मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र ढूंढने में आसानी हो, इसके लिए मतदाता पर्ची पर नाम बड़े अक्षरों में छपे होंगे. ये छोटी-सी सुविधा भी मतदाताओं के लिए काफी मददगार साबित होगी.

मतदान केंद्रों के बाहरी क्षेत्र में मोबाइल फोन की अनुमति

ये एक बिल्कुल नई सुविधा है! मतदाताओं को अब मतदान केंद्रों के बाहरी क्षेत्र में अपने मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी. ये सुविधा पहली बार शुरू की जा रही है और इससे मतदाताओं को सहूलियत मिलेगी.

पोलिंग एजेंट बूथ अब 100 मीटर की दूरी पर

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, राजनीतिक दलों को मतदान केंद्रों से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पोलिंग एजेंट बूथ स्थापित करने की अनुमति होगी.

मॉक पोल और फॉर्म 17C में पारदर्शिता

राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) को मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल में भाग लेने और मतदान समाप्त होने के बाद फॉर्म 17C जमा करने की सलाह दी गई है. ये कदम चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा देंगे.

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