सोना-चांदी इंपोर्ट पर बड़ा अपडेट! DGFT ने जारी की बैंकों की नई लिस्ट, अब सप्लाई में आएगी तेजी?

Gold-Silver Import: 31 मार्च, 2026 को पिछली समय-सीमा समाप्त होने के बाद नोटिफिकेशन में देरी के कारण टन के हिसाब से सोना और चांदी सीमा शुल्क पर अटका हुआ था.
सोना-चांदी इंपोर्ट पर बड़ा अपडेट! DGFT ने जारी की बैंकों की नई लिस्ट, अब सप्लाई में आएगी तेजी?

पिछले कुछ हफ्तों से भारतीय बैंकों ने सोने और चांदी के नए ऑर्डर देना बंद कर दिया था. (फोटो सोर्स: Freepik)

Gold-Silver Import: देश में सोना-चांदी की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने बड़ा कदम उठाया है. DGFT ने RBI द्वारा अधिकृत बैंकों की नई सूची जारी कर दी है, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की मंजूरी दी गई है.

ठप पड़ा आयात अब होगा बहाल

पिछले कुछ हफ्तों से भारतीय बैंकों ने सोने और चांदी के नए ऑर्डर देना बंद कर दिया था. 31 मार्च, 2026 को पिछली समय-सीमा समाप्त होने के बाद अधिसूचना में देरी के कारण टन के हिसाब से सोना और चांदी कस्टम ड्यूटी पर अटका हुआ था.

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किन बैंकों को मिली मंजूरी?

DGFT के मुताबिक 15 बैंकों को गोल्ड और सिल्वर दोनों के आयात की मंजूरी मिली है, जिनमें शामिल हैं-

  • Axis Bank
  • Bank of India
  • Deutsche Bank
  • Federal Bank
  • HDFC Bank
  • Industrial and Commercial Bank of China
  • ICICI Bank
  • IndusInd Bank
  • Indian Overseas Bank
  • Kotak Mahindra Bank
  • Karur Vysya Bank
  • Punjab National Bank
  • RBI Bank
  • State Bank of India
  • Yes Bank

केवल सोना आयात के लिए अधिकृत बैंक-

वहीं Union Bank of India और Sberbank को सिर्फ सोना आयात करने की मंजूरी दी गई है.

पहले क्यों अटका था इंपोर्ट?

  • पुरानी मंजूरी 31 मार्च 2026 को खत्म हो गई थी
  • नई नोटिफिकेशन में देरी के कारण
  • कई टन सोना-चांदी कस्टम में अटका हुआ था
  • बैंकों ने नए ऑर्डर रोक दिए थे
  • इससे घरेलू बाजार में सप्लाई टाइट होने का खतरा बढ़ गया था.

देरी का कारण और इंडस्ट्री पर असर

आमतौर पर DGFT प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यह सूची जारी करता है. इस बार देरी के कारण-

कस्टम्स क्लीयरेंस: औपचारिक सरकारी आदेश न होने से शिपमेंट बंदरगाहों पर फंस गए थे.
बाजार में अस्थिरता: आयात रुकने से घरेलू बाजार में प्रीमियम बढ़ने का डर था, क्योंकि भारत अपनी मांग का बड़ा हिस्सा आयात से ही पूरा करता है.

क्या बदलेगा अब?

  • सप्लाई होगी स्मूद- अब बैंकों को क्लियर ग्रीन सिग्नल मिल गया है, जिससे इंपोर्ट फिर से तेज होगा.
  • कीमतों पर असर- अगर सप्लाई सुधरती है, तो घरेलू बाजार में सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव आ सकता है.
  • ज्वेलरी सेक्टर को राहत- ज्वेलर्स और इंडस्ट्री को कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी.
  • अनिश्चितता खत्म- बैंकों और ट्रेडर्स के बीच बनी अनिश्चितता अब खत्म हो जाएगी.

सोने-चांदी का भाव

ग्लोबल से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सोने में तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई. वहीं चांदी बढ़त के साथ कारोबार करती नजर आई.

  • एमसीएक्स (MCX) पर जून डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को 1,53,301 पर खुला और दिन के कारोबार में 1,52,547 रुपए का इंट्रा-डे लो और 1,53,364 रुपए प्रति 10 ग्राम का हाई बनाया.
  • वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपए पर खुलकर 2,48,729 रुपए का लो और 2,52,726 रुपए प्रति किलोग्राम का हाई बनाया.

निष्कर्ष

DGFT का यह फैसला बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर है. इससे जहां सप्लाई चेन मजबूत होगी, वहीं कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है. आने वाले समय में इसका सीधा असर ज्वेलरी सेक्टर और निवेशकों दोनों पर देखने को मिल सकता है.


आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. किसने नई लिस्ट जारी की है?
A. DGFT ने अधिकृत बैंकों की नई सूची जारी की है.

Q2. यह मंजूरी कब तक के लिए है?
A. 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक यानी 3 साल के लिए.

Q3. कितने बैंकों को गोल्ड और सिल्वर आयात की मंजूरी मिली है?
A. कुल 15 बैंकों को सोना और चांदी दोनों आयात करने की मंजूरी दी गई है.

Q4. क्या सभी बैंकों को दोनों धातु आयात की अनुमति है?
A. नहीं, Union Bank of India और Sberbank को केवल सोना आयात करने की मंजूरी दी गई है.

Q5. पहले इंपोर्ट में दिक्कत क्यों आई थी?
A. पुरानी मंजूरी खत्म हो गई थी और नई अधिसूचना में देरी के कारण कई शिपमेंट कस्टम में अटक गए थे.

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