Bharat Bandh: आज क्‍यों है 'भारत बंद' और ट्रेड यूनियनों की क्‍या हैं मांगें? किन चीजों पर पड़ेगा असर? जानिए सबकुछ

Bharat Bandh 2025: आज 9 जुलाई बुधवार को देशव्‍यापी हड़ताल है. देश के बड़े ट्रेड यूनियनों और किसान समूहों ने आज भारत बंद (Bharat Bandh) की घोषणा की है. इसके चलते तमाम चीजों पर असर पड़ सकता है. यहां जानिए भारत बंद की वजह और इस हड़ताल से कौन सी चीजें होंगी प्रभावित, कौन सी नहीं.
Bharat Bandh: आज क्‍यों है 'भारत बंद' और ट्रेड यूनियनों की क्‍या हैं मांगें? किन चीजों पर पड़ेगा असर? जानिए सबकुछ

Bharat Bandh:आज 9 जुलाई बुधवार को भारत में राष्‍ट्रव्‍यापी हड़ताल है. देशभर के बड़े ट्रेड यूनियनों और किसान समूहों ने आज भारत बंद (Bharat Bandh) की घोषणा की है. इन लोगों का कहना है कि वे इस 'भारत बंद' के जरिए सरकार की मजदूर-विरोधी किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक नीतियों का विरोध कर रहे हैं. इस हड़ताल के चलते बैंकिंग, डाक सेवाएं, परिवहन, औद्योगिक उत्पादन और बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है.

इन चीजों पर पड़ सकता है असर

बैंकिंग और बीमा सेवाएं, डाक विभाग, कोयला खनन और औद्योगिक उत्पादन, राज्य परिवहन सेवाएंसरकारी , कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां आज इस हड़ताल के चलते प्रभावित हो सकती हैं. बैंकों में आधिकारिक तौर पर कोई अवकाश नहीं है, लेकिन शाखाओं और एटीएम में सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसके अलावा बिजली आपूर्ति पर असर देखने को मिल सकता है क्‍योंकि इस हड़ताल में बिजली क्षेत्र के भी लाखों कर्मचारियों के शामिल होने की उम्‍मीद है.

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ये सेवाएं जारी रहेंगीं

स्कूल और कॉलेज और निजी दफ्तर सामान्‍य दिनों की तरह खुले रहेंगे. इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. वहीं ट्रेन सेवाएं भी जारी रहेंगीं, हालांकि इसमें देरी हो सकती है.


क्‍या हैं प्रमुख मांगें?

  • बेरोजगारी दूर करने के लिए नई भर्तियां शुरू की जाएं.
  • युवाओं को नौकरी मिले, रिटायर्ड लोगों की दोबारा भर्ती बंद हो.
  • मनरेगा की मजदूरी और दिनों की संख्या बढ़ाई जाए.
  • शहरी बेरोजगारों के लिए भी मनरेगा जैसी योजना लागू हो.
  • निजीकरण, कॉन्ट्रेक्ट बेस्ड नौकरी और आउटसोर्सिंग पर रोक लगे.
  • चार लेबर कोड खत्म हों, जो कर्मचारियों के हक छीनते हैं.
  • मूलभूत जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन पर खर्च बढ़े.
  • सरकार ने 10 साल से वार्षिक श्रम सम्मेलन आयोजित नहीं किया.

हड़ताल में शामिल प्रमुख संगठन?

-ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
-इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
-सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU)
-हिंद मजदूर सभा (HMS)
-सेल्फ-एम्प्लॉयड वूमेन्स एसोसिएशन (SEWA)
-लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF)
-यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC)

ये भी हो सकते हैं शामिल

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक, इस देशव्‍यापी हड़ताल में 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी शामिल हो सकते हैं. इसे किसानों और ग्रामीण श्रमिकों के अलावा NMDC लिमिटेड, अन्य खनिज, इस्पात कंपनियों, राज्य सरकारों में काम करने वाले विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों का समर्थन मिल सकता है. इसके अलावा, संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि श्रमिक संगठनों ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है.

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