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5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान. (Image Source- AI)
देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. भारत चुनाव आयोग ने उन 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावी बिगुल फूंक दिया है, जहां की सरकार का कार्यकाल जल्द ही खत्म होने वाला है. पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु और केरल से लेकर असम तक, हर तरफ अब चुनावी शोर सुनाई देगा.
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि लोकतंत्र के इस सबसे बड़े उत्सव की शुरुआत अप्रैल के महीने में होगी और मई की शुरुआत में हमें पता चल जाएगा कि इन राज्यों की कमान किसके हाथ में होगी. अगर आप इन राज्यों के रहने वाले हैं, तो अपनी डायरी निकाल लीजिए क्योंकि वोटिंग की तारीखें आ चुकी हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक, वोटिंग की प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू होगी और 29 अप्रैल तक चलेगी. सबसे खास बात यह है कि भले ही वोट अलग-अलग तारीखों पर डाले जाएं, लेकिन जीत का जश्न और नतीजों का एलान सभी के लिए एक ही दिन यानी 4 मई 2026 को होगा. इन चुनावों का आयोजन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन राज्यों की विधानसभाओं का समय मई और जून में खत्म हो रहा है.
चुनाव की शुरुआत असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से हो रही है. इन तीनों ही जगहों पर एक ही दिन यानी 9 अप्रैल को जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगी.
इन राज्यों में एक ही चरण में चुनाव होने से सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने में आसानी होगी.
दक्षिण भारत के एक और महत्वपूर्ण राज्य तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी तेज है. यहां की विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग ने तय किया है कि तमिलनाडु की सभी सीटों पर 23 अप्रैल को एक साथ वोटिंग होगी. राज्य की जनता अपनी अगली सरकार चुनने के लिए इस दिन पोलिंग बूथ का रुख करेगी.
सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल के चुनावों की हो रही है. यहां की विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है. राज्य की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है.
बंगाल में दो चरणों में चुनाव होने से प्रशासन को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
चाहे असम की चाय के बागान हों या बंगाल की गलियां, हर जगह की किस्मत का फैसला 4 मई 2026 को होगा. इस दिन सुबह से ही वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी और शाम होते-होते यह साफ हो जाएगा कि जनता ने किसे अपना सेवक चुना है. यह दिन इन पांचों राज्यों की राजनीति के लिए सबसे बड़ा दिन होने वाला है.
चुनाव आयोग ने तारीखों का चयन इस तरह किया है कि नई सरकार का गठन समय रहते हो सके. राज्यों के कार्यकाल खत्म होने की तारीखें इस प्रकार हैं: