&format=webp&quality=medium)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहली बार तलाशी अभियान चलाया है. यह कार्रवाई अंडमान निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (ANSCB) से संबंधित एक कथित लोन धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई.
इस मामले में ANSCB के उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा की भूमिका भी जांच के दायरे में है. शर्मा 2019 से 2024 तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से कांग्रेस पार्टी के सांसद रहे हैं.
ED अधिकारियों ने पोर्ट ब्लेयर और आसपास के 9 स्थानों तथा कोलकाता में 2 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तलाशी ली. एजेंसी के अनुसार, यह अंडमान-निकोबार में पहली बार की गई छापेमारी है.
प्राप्त दस्तावेजों से संकेत मिला है कि लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधाएं नियमों की अनदेखी करते हुए दी गईं. जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 15 कंपनियां/इकाइयाँ बनाई गईं, जिन्हें कथित रूप से कुलदीप राय शर्मा के लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया.
इन कंपनियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण सुविधाएं दी गईं. दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि ये कंपनियां शेल कंपनियों के रूप में कार्य कर रही थीं और इनके संचालन में बैंक के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया.
यह मामला अंडमान निकोबार पुलिस के क्राइम एंड इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (CEOW) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा हुआ है, जिसके आधार पर ED ने धन शोधन से संबंधित जांच शुरू की. प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहा है. जांच में संलिप्त सभी पक्षों की भूमिका की पुष्टि के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.