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भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के लिए फरवरी 2026 का महीना बहुत ही शानदार रहा है. भारती एयरटेल, जो कभी एक छोटी सी कंपनी के रूप में शुरू हुई थी, अब 650 मिलियन (65 करोड़) ग्राहकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है. जीएसएमए इंटेलिजेंस (GSMA Intelligence) के हालिया आंकड़ों ने इस बात की पुष्टि की है कि एयरटेल ने दुनिया के कई बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है.
यह उपलब्धि केवल संख्या की नहीं है, बल्कि यह एयरटेल की बदलती रणनीति, तकनीक में निवेश और वैश्विक विस्तार की कहानी है. कंपनी ने भारत और अफ्रीका के बाजारों में अपनी सेवाओं का ऐसा नेटवर्क बनाया है, जिसने इसे चीन मोबाइल के ठीक पीछे ला खड़ा किया है.
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एयरटेल की सफलता का राज दो महाद्वीपों में फैला इसका मजबूत नेटवर्क है. कंपनी ने भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अफ्रीका में भी वित्तीय समावेश के जरिए करोड़ों लोगों को जोड़ा है.
भारत में एयरटेल के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 368 मिलियन को पार कर गई है. लेकिन एयरटेल अब केवल एक सिम कार्ड कंपनी नहीं रह गई है. भारत में इसकी सेवाओं का विस्तार कुछ इस तरह है:
5G नेटवर्क: कंपनी ने देश के कोने-कोने तक हाई-स्पीड 5G सेवा पहुंचाई है.
होम ब्रॉडबैंड: हाई-स्पीड इंटरनेट और फाइबर-टू-द-होम (FTTH) के मामले में कंपनी तेजी से बढ़ रही है.
डिजिटल टीवी: एयरटेल डिजिटल टीवी लाखों घरों में मनोरंजन का मुख्य स्रोत है.
एंटरप्राइज सॉल्यूशंस: बड़े व्यवसायों के लिए क्लाउड सेवाएं, साइबर सुरक्षा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकें प्रदान करना.
एयरटेल के ग्लोबल नंबर को बढ़ाने में 'एयरटेल अफ्रीका' की बहुत बड़ी भूमिका है.
व्यापक उपस्थिति: अफ्रीका के 14 देशों में इसके 179 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं.
एयरटेल मनी: यह एक मोबाइल वित्तीय प्लेटफॉर्म है जिसके 52 मिलियन से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं. यह सेवा अफ्रीका के उन इलाकों में बैंकिंग पहुंचा रही है जहां बैंक की शाखाएं नहीं हैं.
हालांकि, एयरटेल दुनिया में दूसरे नंबर पर है, लेकिन भारत के अंदर रिलायंस जियो और एयरटेल के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प है.
ग्राहक आधार: रिलायंस जियो ने पिछले साल 500 मिलियन ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है. चूंकि जियो केवल भारत में काम करता है, इसलिए घरेलू स्तर पर वह अभी भी बड़ा है.
मार्केट शेयर: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 37.59% हो गई है.
ग्रोथ रेट: हाल के महीनों में एयरटेल ने नए ग्राहक जोड़ने के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रीमियम ग्राहकों के बीच एयरटेल की पसंद बढ़ रही है.
कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे एक बड़ी जिम्मेदारी बताया है. उनका मानना है कि 650 मिलियन ग्राहकों का भरोसा जीतना एक बात है, लेकिन उन्हें हर दिन बेहतर सेवा देना एक बड़ी चुनौती है.
उन्नत तकनीक: कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश.
सुरक्षा: ग्राहकों के डेटा और डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करना.
अनुभव: ग्राहक सेवा (Customer Experience) को एआई और डिजिटल टूल्स के जरिए आसान बनाना.
भारती एयरटेल का दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनना भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत का प्रतीक है. जिस तरह से कंपनी ने अफ्रीका में 'एयरटेल मनी' के जरिए और भारत में '5G' के जरिए अपनी जगह बनाई है, वह आने वाले समय में अन्य वैश्विक कंपनियों के लिए एक केस स्टडी बन सकता है. अब चुनौती नंबर 1 बनने की नहीं, बल्कि अपने 65 करोड़ ग्राहकों को अटूट सेवा देने की है.
1- दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी कौन सी है?
चीन मोबाइल (China Mobile) 1 बिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ दुनिया में पहले स्थान पर है.
2- एयरटेल के पास कुल कितने ग्राहक हैं?
फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, एयरटेल के पास कुल 650 मिलियन (65 करोड़) ग्राहक हैं.
3- क्या एयरटेल भारत में रिलायंस जियो से बड़ी है?
नहीं, भारत में रिलायंस जियो के पास 500 मिलियन से ज्यादा ग्राहक हैं, जबकि एयरटेल के पास भारत में 368 मिलियन ग्राहक हैं.
4- एयरटेल अफ्रीका क्या है?
यह भारती एयरटेल की अफ्रीकी शाखा है जो 14 देशों में टेलीकॉम और मोबाइल बैंकिंग (Airtel Money) सेवाएं देती है.
5- एयरटेल की भारत में बाजार हिस्सेदारी (Market Share) कितनी है?
फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी 37.59% है.
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