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एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत में कोविड19 महामारी की दूसरी लहर (second wave of the civd19 pandemic) से हुए नुकसान के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए देश के आर्थिक विकास दर (India's GDP) का अनुमान घटाकर 10 फीसदी कर दिया. इससे पहले, जिसके पहले, ADB ने जीडीपी ग्रोथ 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था.
ADB ने बुधवार को अपने लेटेस्ट इकोनॉमिक आउटलुक में कहा कि वित्त वर्ष 2021 (मार्च 2022 में समाप्त) के लिए भारत के ग्रोथ आउटलुक संशोधित किया गया है. इस साल मई में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के कारण ऐसा किया गया. एडीबी ने कहा कि हालांकि संक्रमण अनुमान के मुकाबले अधिक तेजी से काबू में आ गया, जिसके चलते कई राज्यों ने लॉकडाउन में ढील दी और हालात तेजी से सामान्य हुए.
एशियाई विकास आउटलुक अपडेट (ADOU) 2021 में कहा गया है, ‘‘वित्त वर्ष 2021 की शेष तीन तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद है और इसके पूरे वित्त वर्ष में 10 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2022 में यह दर 7.5 फीसदी रह सकती है.’’इससे पहले अप्रैल में एडीबी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 11 फीसदी की दर से ग्रोथ का अनुमान जताया था.
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भारत के बारे में रिपोर्ट का कहना है कि भारतीय इकोनॉमी में कंजम्प्शन धीरे-धीरे बढ़ेगा. सरकारी खर्च और एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2021 में ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे, जैसाकि पिछले वित्त वर्ष के दौरान देखने को मिला था. रीजन के बारे में रिपोर्ट का कहना है कि पूरी साउथ एशिया में ग्रोथ आउटलुक अलग-अलग होगा. साउथ एशिया में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल है. रिपोर्ट का कहना है कि पिछले से मुकाबले इस साल साल इस रीजन में ग्रोथ धीमी रहेगी. हालांकि, अगले साल से इसके रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है.
ADB के मुताबिक, चीन में ग्रोथ मजबूत रहेगी. 2021 में चीन की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 8.1 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. 2022 में यह 5.5 फीसदी रह सकती है. एक्सपोर्ट की जबरदस्त परफॉर्मेंस और 2021 की दूसरी छमाही में ग्रोथ को ट्रैक पर लाने के मद्देनजर फिस्कल सपोर्ट बनाए रखने से चीन की इकोनॉमी में मजबूती बनी रहेगी.