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आधार कार्ड से जुड़ी बड़ी खबर!
अगर आपके मोबाइल पर या सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों में यह मैसेज आया है कि आधार कार्ड का डिजाइन बदलने वाला है और अब इसमें सिर्फ फोटो और QR कोड ही रहेगा, तो जरा रुक जाइए. सरकार ने इस पूरे दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है. रविवार को सरकार ने साफ कहा कि आधार कार्ड के लुक में इस तरह के किसी बदलाव की कोई योजना नहीं है. यानी जो खबरें वायरल हो रही हैं, उनका सच से कोई लेना-देना नहीं है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के जरिए बयान जारी कर इस भ्रम को दूर किया. मंत्रालय ने कहा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि इस साल के अंत तक आधार कार्ड का नया डिजाइन आ जाएगा, जिसमें सिर्फ फोटो और QR कोड होगा. लेकिन सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. सरकार का कहना है कि “ऐसी खबरें गलत हैं और लोगों में बेवजह का कन्फ्यूजन पैदा कर रही हैं.” साफ शब्दों में कहा गया कि ऐसा कोई प्लान नहीं है और लोगों को इन अफवाहों से दूर रहना चाहिए.
असल में सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को बिना जांचे-परखे आगे बढ़ा दिया जाता है. यही वजह है कि आधार जैसे अहम दस्तावेज को लेकर भी गलत खबरें तेजी से फैल जाती हैं. कई बार लोग किसी पुराने या अधूरी जानकारी वाले पोस्ट को भी सच मान लेते हैं. सरकार ने माना कि इस तरह की खबरें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर घूम रही हैं और लोगों को गुमराह कर रही हैं. इसलिए जरूरी था कि समय रहते इस पर सफाई दी जाए.
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सरकार ने लोगों से कहा है कि आधार से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. अगर कोई नया अपडेट होगा, तो वह UIDAI के ऑफिशियल प्लेटफॉर्म या PIB के जरिए ही बताया जाएगा.
इसके साथ ही मीडिया को भी सलाह दी गई है कि वे अपुष्ट खबरों को बढ़ावा न दें. क्योंकि इस तरह की खबरें सीधे आम लोगों को प्रभावित करती हैं और भरोसे को नुकसान पहुंचाती हैं.
फिलहाल आधार कार्ड में कई जरूरी जानकारियां होती हैं. इसमें व्यक्ति का नाम, फोटो, 12 अंकों का आधार नंबर और QR कोड शामिल होता है.
यह QR कोड कोई साधारण कोड नहीं है. इसमें डिजिटल सिग्नेचर के साथ जानकारी स्टोर होती है, जिससे इसे स्कैन करने पर डेटा की सच्चाई की पुष्टि की जा सकती है. यानी यह सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत है.
आज के समय में आधार सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं रह गया है. यह कई जरूरी सेवाओं का आधार बन चुका है. सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, बैंक में खाता खुलवाना हो, सिम कार्ड लेना हो या फिर किसी भी तरह की पहचान साबित करनी हो- हर जगह आधार का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है.
देश में एक अरब से ज्यादा लोग आधार से जुड़े हुए हैं. 2009 में शुरू हुआ यह सिस्टम आज दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान योजनाओं में गिना जाता है.
ऐसे में अगर आधार को लेकर कोई गलत जानकारी फैलती है, तो उसका असर बहुत बड़े स्तर पर पड़ सकता है. इसलिए सरकार ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप करती है.
पहली बात, लोगों में भ्रम पैदा होता है. कई लोग सोचने लगते हैं कि उन्हें नया कार्ड बनवाना पड़ेगा या कोई जरूरी काम रह जाएगा.
दूसरी बात, ठगी का खतरा बढ़ जाता है. कई बार ऐसे ही भ्रम का फायदा उठाकर साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लोगों से पैसे या जानकारी ठगने की कोशिश करते हैं.
तीसरी बात, सिस्टम पर भरोसा कम होता है. अगर बार-बार इस तरह की गलत खबरें आती रहें, तो लोगों का डिजिटल सिस्टम पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है.
सबसे पहले, अगर कोई बड़ी खबर है तो उसे किसी भरोसेमंद न्यूज प्लेटफॉर्म या सरकारी वेबसाइट पर जरूर चेक करें.
दूसरा, अगर मैसेज में “फॉरवर्डेड” लिखा है या बहुत ज्यादा सनसनीखेज दावा किया गया है, तो उसे तुरंत सच न मानें.
तीसरा, UIDAI या PIB के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर अपडेट देख सकते हैं. यही सबसे सही और भरोसेमंद तरीका है.
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अगर आपको भी आधार कार्ड के नए डिजाइन या बदलाव से जुड़ी कोई खबर मिलती है, तो उसे बिना जांचे शेयर न करें. पहले उसकी सच्चाई जरूर जान लें.
सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल आधार कार्ड के डिजाइन में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होने जा रहा है. इसलिए बेवजह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
आधार से जुड़ी सही जानकारी कहां से चेक करनी चाहिए?
आधार से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए हमेशा UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट, उसके सोशल मीडिया हैंडल या PIB की प्रेस रिलीज को देखना सबसे सुरक्षित तरीका है.
अगर कोई आधार अपडेट का मैसेज आए तो क्या करें?
ऐसे मैसेज को तुरंत सच मानने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करें. अगर मैसेज संदिग्ध लगे तो उसे आगे फॉरवर्ड करने से बचें.
क्या आधार कार्ड को समय-समय पर अपडेट करना जरूरी होता है?
हां, अगर आपकी फोटो, पता या अन्य जानकारी बदलती है, तो उसे अपडेट कराना जरूरी होता है ताकि रिकॉर्ड सही बना रहे.
आधार कार्ड का QR कोड किस काम आता है?
QR कोड के जरिए आधार की जानकारी को ऑफलाइन तरीके से सुरक्षित रूप में वेरिफाई किया जा सकता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होती है.
क्या आधार से जुड़ी अफवाहों से कोई नुकसान हो सकता है?
हां, गलत जानकारी के कारण लोग भ्रमित हो सकते हैं और कभी-कभी ठगी का शिकार भी बन सकते हैं. इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.
क्या आधार का डिजिटल वर्जन भी मान्य होता है?
हां, mAadhaar ऐप या डाउनलोड किया गया ई-आधार भी उतना ही वैध होता है जितना फिजिकल कार्ड.
आधार अपडेट कराने के लिए कहां जाना होता है?
आप नजदीकी आधार सेवा केंद्र या अधिकृत अपडेट सेंटर पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट करा सकते हैं.
क्या आधार से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर करना सुरक्षित है?
नहीं, अपनी आधार जानकारी सिर्फ जरूरत और भरोसेमंद जगहों पर ही शेयर करें, ताकि किसी तरह के दुरुपयोग से बचा जा सके.