131वां संविधान संशोधन बिल: 2/3 बहुमत के लिए क्या है संसद में जादुई नंबर, जानिए लोकसभा-राज्यसभा का पूरा गणित

गृहमंत्री अमित शाह ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक सदन में पेश किया है. इस विधेयक को दोनों सदनों से पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत होना जरूरी है. जानिए बिल को पास करने का जादुई नंबर.
131वां संविधान संशोधन बिल: 2/3 बहुमत के लिए क्या है संसद में जादुई नंबर, जानिए लोकसभा-राज्यसभा का पूरा गणित

गृहमंत्री अमित शाह ने संसद के विशेष सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है. इसका उद्देश्य महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन है, जिसका उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य शामिल होंगे. इस संविधान संशोधन को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार को दोनों सदन में दो तिहाई बहुमत चाहिए. ऐसे में विपक्षी दलों का सहयोग बेहद जरूरी है. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के पास फिलहाल 293 सांसद हैं. जानिए संसद के दोनों सदनों में इस बिल को पास कराने का जादुई नंबर क्या है?

संसद में फिलहाल 3 सीटें है रिक्त

सबसे पहले लोकसभा की बात करें तो फिलहाल 543 सीटों में से 3 सीटें रिक्त हैं. ऐसे में कुल 540 सांसद हैं. दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 540 सांसदों में से 360 सांसदों को इस बिल के पक्ष में मतदान करना होगा.

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NDA की सीटों की संख्या

  • एनडीए में 293 सासंदों में 240 बीजेपी, टीडीपी के 16, जेडीयू के 12, शिवसेना के 7, LJP (रामविलास) के 5, जनसेना पार्टी के 2, जनता दल (सेक्युलर) के दो, RLD के 2, AGP के 1, NCP के 1, SKM के 1, AJSU के 1, अपना दल के 1, UPPL के 1 और अन्य के 1 सांसद है.
  • विपक्षी इंडी गठबंधन की लोकसभा में संख्या 232 सांसदों की है. इसमें कांग्रेस के सबसे ज्यादा 99, सपा के 37, टीएमसी के 28, डीएमके के 28, शिवसेना (उद्धव गुट) के 9, एनसीपी (शरद पवार) के 8, CPI (M) के 4, RJD के 4, आप के 3, JMM के 3 सांसद हैं.
  • इंडी गठबंधन में IUML के 3, VCK के 3, CPI (ML) के 2, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2, केरला कांग्रेस के 1, MDMK के 1, AIMIM के 1, RSP के 1, ASP के 1 सांसद हैं.
  • लोकसभा में 7 निर्दलीय सांसद, YSRCP के 4, RLP के 1, BAP, शिरोमणी आकाली दल, ZPM के कुल 3 सांसद हैं.

राज्यसभा में स्थिति ज्यादा मजबूत

लोकसभा के बाद राज्यसभा में इस संविधान संशोधन विधेयक को पेश किया जाएगा. राज्यसभा में एनडीए की स्थिति लोकसभा के मुकाबले ज्यादा मजबूत है.

राज्यसभा में 163 सांसदों का समर्थन जरूरी

  • राज्यसभा में कुल 244 सदस्य हैं. दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 163 सांसदों का समर्थन होना जरूरी है.
  • एनडीए के राज्यसभा में 141-142 सीटें हैं. हाल ही में बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एनडीए को फायदा हुआ था.
  • विपक्षी इंडी गठबंधन के पास 58 से 75 सीटें हैं. इसके अलावा YRCP, BJD और आप के पास लगभग 25 से 35 सीटें हैं.

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207 सांसदों ने पक्ष में दिया वोट

संसद में 207 लोकसभा सांसदों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने के पक्ष में वोट दिया. जबकि 126 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया. सदन में कुल 333 सदस्यों ने वोट किया. संविधान संशोधन बिल का लागू होना 2011 की जनगणना के आधार पर चुनाव सीटों के बदलाव से जुड़ा है. इसमें परिसीमन का प्रस्ताव रखा है, जो कि एक बहुत बड़ा राजनीतिक बदलाव है. इसका मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के आकार और उनके ढांचे में बदलाव करना है. केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: संसद में पेश किए गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य क्या है?

जवाब: 131वें संविधान संशोधन बिल का उद्देश्य 2011 की जनगणना के आधार पर सदन की सीटों में बदलाव करने से जुड़ा है.

सवाल: सदन में इसे पारित होने के लिए कितने बहुमत की जरूरत होगी?

जवाब: सदन में इसे पारित होने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी.

सवाल: लोकसभा में बिल को पारित होने के लिए कितनी संख्या चाहिए?

जवाब: लोकसभा में बिल पारित होने के लिए 360 सदस्यों की जरूरत है.

सवाल: राज्यसभा में बिल को पारित होने के लिए कितनी संख्या चाहिए?

जवाब:
राज्यसभा में बिल को पारित होने के लिए 163 सदस्यों का सपोर्ट जरूरी है.

सवाल: एनडीए के दोनों सदनों में कितने सदस्य हैं?

जवाब:
लोकसभा में एनडीए के पास 293 और राज्यसभा के पास 141-142 सदस्य हैं.

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