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सोने की कीमतों में इस समय लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे फिसल गया. 99.5% शुद्धता वाला सोना ₹1,300 गिरकर ₹1,13,300 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि मंगलवार को यह ₹1,14,600 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. इसी तरह 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,15,100 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद गिरावट दर्ज कर चुका है. निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से पहले मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में यह गिरावट आई.
लेकिन सोने की चर्चा कीमतों तक ही सीमित नहीं है. दरअसल, एक और दिलचस्प सवाल हमेशा से लोगों को उलझाता है – क्या एक तौला सोना 10 ग्राम के बराबर है? अगर आप भी यही सोचते हैं तो आप गलत हैं. असल में एक तौला का वजन 11.66 ग्राम है. आइए जानते हैं तौला का असली इतिहास और क्यों आज इसे 10 ग्राम मान लिया गया.
परंपरागत भारतीय माप प्रणाली में 1 तौला = 11.6638 ग्राम माना जाता है. यह माप सदियों से प्रचलन में है और ब्रिटिश हुकूमत ने भी इसे आधिकारिक मान्यता दी थी. उस दौर में तौला का इस्तेमाल सिर्फ सोना-चांदी नहीं, बल्कि दवाओं और मसालों की तौल में भी होता था.
“तौला” शब्द संस्कृत के “तुला” से लिया गया है, जिसका अर्थ है तराजू. यही वजह है कि यह इकाई बहुत पुराने समय से तौल के लिए इस्तेमाल होती आ रही है.
मुगल काल में: सोना, चांदी और कीमती मसालों की तौल तौला में होती थी.
ब्रिटिश काल में: अंग्रेजों ने तौला को मानक इकाई मान लिया और इसे 180 ग्रेन (grain) यानी लगभग 11.66 ग्राम परिभाषित किया.
आजादी के बाद भारत में मेट्रिक सिस्टम लागू हुआ. यानी किलो, ग्राम और लीटर जैसी इकाइयों को मानक बना दिया गया. धीरे-धीरे ज्वेलरी बाजार ने भी सोने की तौल को ग्राम और किलो में बताना शुरू कर दिया. लेकिन ग्राहकों की सुविधा और गणना आसान करने के लिए बाजार ने तय किया कि 1 तौला = 10 ग्राम मान लिया जाए. यही वजह है कि आज ज्यादातर लोग तौला को 10 ग्राम समझते हैं.
10 ग्राम और 11.66 ग्राम में फर्क क्यों मायने रखता है
अगर आप असली हिसाब लगाएं तो 1 तौला = 11.66 ग्राम है. यानी अगर आप 1 तौला सोना खरीद रहे हैं और दुकानदार इसे 10 ग्राम बताता है, तो आपको लगभग 1.66 ग्राम सोना कम मिल रहा है. छोटे स्तर पर यह अंतर मामूली लग सकता है, लेकिन बड़े सौदों में यह हजारों रुपये का फर्क डाल सकता है. हालांकि अब ज्यादातर ज्वेलर्स अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से ग्राम में ही सोना बेचते हैं.
तौला सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और खाड़ी देशों (Middle East) में भी सोने की तौल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि अब वहां भी ग्राम और किलो का चलन ज्यादा हो गया है.
इतिहास और विज्ञान के हिसाब से एक तौला का वजन हमेशा 11.66 ग्राम रहा है. लेकिन ज्वेलरी मार्केट ने इसे आसान बनाने के लिए 10 ग्राम मान लिया. यही वजह है कि आज भी लोग 1 तौला = 10 ग्राम समझते हैं. सोना खरीदते समय हमेशा ज्वेलर से वजन ग्राम में ही पूछें ताकि आपको सही जानकारी मिले.
FAQs
Q1. क्या 1 तौला सोना 10 ग्राम होता है?
नहीं, असली हिसाब से 1 तौला = 11.66 ग्राम है.
Q2. लोग 1 तौला को 10 ग्राम क्यों मानते हैं?
ज्वेलरी बाजार ने गणना आसान बनाने के लिए इसे 10 ग्राम मान लिया.
Q3. तौला कब से इस्तेमाल हो रहा है?
तौला प्राचीन भारत से प्रचलन में है और संस्कृत के “तुला” शब्द से निकला है.
Q4. ब्रिटिश काल में तौला कैसे परिभाषित किया गया था?
ब्रिटिश सरकार ने 1 तौला को 180 ग्रेन यानी 11.66 ग्राम परिभाषित किया था.
Q5. क्या आज भी सोना तौला में बेचा जाता है?
आजकल सोना मुख्य रूप से ग्राम और किलो में बेचा जाता है, लेकिन तौला शब्द अभी भी आम भाषा में प्रचलित है.
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