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अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडलर रिजर्व (US FED) ने ब्याज दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर विराम लगा दिया है. जून की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें न बढ़ाने का फैसला लिया गया है. इससे पहले लगातार 10 बार से दरों में इजाफा किया जा रहा था. इस लिहाज से US FED की दरें बिना बदलाव के 5-5.25% की रेंज में है. इस बार की मीटिंग में FED के सभी 11 मेंबर्स दरें नहीं बढ़ाने के पक्ष में वोट किए.
जून पॉलिसी में ब्याज दरें नहीं बढ़ाने से थोड़ी राहत तो जरूर मिली है, लेकिन सेंट्रल बैंक ने आगे के लिए टेंशन दे दिया है. क्योंकि FED ने इस साल 2 बार दरें बढ़ने की उम्मीद जताई है. मीडियन रेट मौजूदा 5.1% से बढ़कर 5.6% होने का अनुमान है. हालांकि, आगे ब्याज दर बढ़ाना है या घटाना है इस पर फैसला आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा. लेकिन महंगाई का रिस्क अभी भी मंडरा रहा है. नतीजतन, सख्त क्रेडिट स्थिति का इकोनॉमी पर असर पड़ेगा.
FED चेयरमैन ने कहा कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती घटाने की कोई संभावना नहीं है. रेट्स बढ़ने का पूरा प्रभाव अभी आना बाकी है. सभी FOMC मेंबर्स में सहमति से आगे और दरें बढ़ाने की जरूरत है. क्योंकि महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है. कोर इन्फ्लेशन का आंकड़ा पिछले कुछ महीनों से अड़ियल है.
जेरोम पॉवेल ने कहा कि दरों में कटौती के लिए साल भर का समय बाकी है. जबतक महंगाई नीचे नहीं आती तब तक दरों में कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि महंगाई घटने में और समय लगेगा. इसलिए FED साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर विचार करेगा. ब्याज दरों की बढ़ोतरी ने अभी तक अर्थव्यवस्था के माध्यम से अपना काम नहीं किया है.
FED पॉलिसी ने जून में तो ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन इसे देखते हुए आगे के लिए अनुमान है कि जुलाई पालिसी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. 65% जानकारों का मानना है कि पॉलिसी में 0.25% बढ़ोतरी की जा सकती है. जून पॉलिसी आने के बाद 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 3.8% के ऊपर कायम है.
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