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दुनिया के सबसे खूबसूरत देश स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षक सम्मेलन का मंच सज गया है. यह सम्मेलन 19 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका थीम-A Spirit of Dialogue है. इस मंच से भारत अपने तेजी से बढ़ते आर्थिक विकास को दुनिया के सामने पेश करेगा. विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए भारत प्रमुख सेक्टर जैसे सोलर एनर्जी , ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट सिटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी क्षमताओं को भी उजागर करेगा. इसके अलावा भारत इस वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करेगा.
भारत का जोर इस साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपनी विकास की कहानी पेश करने पर होगा. साथ ही दुनिया को यह भी बताया जाएगा कि कैसे भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है. देश आर्थिक सुधार और इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली नीतियों को भी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच में रखेगा. ग्लोबल निवेशक जो भारत में अवसर तलाश करते हैं, उनके सामने अपना विजन रखा जाएगा. सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी, रीडेवलपमेंट, डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI जैसे सेक्टर्स में दुनिया को निवेश का न्योता दिया जाएगा.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस 2026 में निवेश के अलावा देश के पास अपनी मजबूत लीडरशिप दिखाने का भी मौका है. साथ ही भारत का फोकस वैश्विक साझेदारी मजबूत करने, प्रमुख देशों के साथ व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर होगा. इसके अलावा एनर्जी सेक्टर में दुनिया का नेतृत्व की क्षमता को भी साबित करने पर खास ध्यान होगा. आज के ग्लोबल चैलेंज के बीच भारत संतुलन शक्ति के रूप में उभर रहा है, और अपने आप को सॉल्यूशन प्रोवाइडर के रूप में पेश कर रहा है.
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दावोस में टीम इंडिया की झलक देखने को मिलेगी, जब केंद्र सरकार से अश्विनी वैष्णव, प्रहलाद जोशी, के.राम.मोहन नायडू शामिल हो सकते हैं. वहीं, राज्य स्तर पर निवेश को प्रोत्साहन देने और राज्यों द्वारा निवेश के अवसर और सुधार प्रदर्शित करने के लिए 6 राज्यों के मुख्यमंत्री इस फोरम में शिरकत करेंगे. दावोस में असम के सीएम हिमांता बिस्वा सरमा, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी मीटिंग में हिस्सा लेंगे.