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पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में कोयला मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार कस्सी ने साफ किया है कि देश में खदानों और पावर प्लांट्स दोनों ही जगह पर कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट्स के 55 मीट्रिक टन कोयले का स्टॉक मौजूद है. यह स्टॉक अगले 24 दिनों तक बिना रुकावट के बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए काफी है. इसके अलावा पूरे देश में फिलहाल 220 मीट्रिक टन कोयले का कुल स्टॉक है, इसका इस्तेमाल पावर प्लांट्स और दूसरे इंडस्ट्रियल काम को चलाने के लिए किया जाएगा.
संजीव कुमार कस्सी ने बताया कि कोयला प्रोडक्शन के मोर्चे पर भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पिछले साल देश में 1 बिलियन टन कोयले का रिकॉर्ड प्रोडक्शन किया गया है. यह लक्ष्य 20 मार्च 2026 को पूरा कर लिया गया है.
कोयला मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी के मुताबिक मार्केट में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता और लिक्विडिटी को बनाए रखने के लिए कोयला कंपनियों द्वारा इस साल अप्रैल में 30 स्पॉट ऑक्शन्स भी आयोजित किए जाएंगे.
विस्फोटक की लागत में बढ़ोतरी
कोल मंत्रालय के जॉइंट सचिव के मुताबिक मार्च 2026 में 32.53 मिलियन टन कोयला ऑफर किया गया था, जिसमें से ग्राहकों ने केवल 40.94 फीसदी ही बुक किया है. अप्रैल में भी बुकिंग लगभग 38 फीसदी रही है, यह दर्शाता है कि मार्केट में कोयले की डिमांड से ज्यादा सप्लाई मौजूद है. कोयल मंत्रालय ने राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिया है कि वह बाजार में कोयले की कीमत पर नजर रखें. अगर कोई एजेंसी या बिचौलिया जमाखोरी या अनुचित मुनाफाखोरी करके आर्टिफिशियल तौर से दम बढ़ाता है तो उस पर सख्त एक्शन लिया जाए.