पश्चिम एशिया तनाव के बीच कोयला मंत्रालय ने किया साफ, देश में कोयले नहीं कोई कमी, 220 मीट्रिक टन रिजर्व

पश्चिम एशिया संकट पर अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में कोयला मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार कस्सी ने कहा कि खदानों और पावर प्लांट दोनों में ही पर्याप्त मात्रा में कोयला के स्टॉक मौजूद है.
पश्चिम एशिया तनाव के बीच कोयला मंत्रालय ने किया साफ, देश में कोयले नहीं कोई कमी, 220 मीट्रिक टन रिजर्व

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में कोयला मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार कस्सी ने साफ किया है कि देश में खदानों और पावर प्लांट्स दोनों ही जगह पर कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट्स के 55 मीट्रिक टन कोयले का स्टॉक मौजूद है. यह स्टॉक अगले 24 दिनों तक बिना रुकावट के बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए काफी है. इसके अलावा पूरे देश में फिलहाल 220 मीट्रिक टन कोयले का कुल स्टॉक है, इसका इस्तेमाल पावर प्लांट्स और दूसरे इंडस्ट्रियल काम को चलाने के लिए किया जाएगा.

1 बिलियन टन कोयले का प्रोडेक्शन

संजीव कुमार कस्सी ने बताया कि कोयला प्रोडक्शन के मोर्चे पर भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पिछले साल देश में 1 बिलियन टन कोयले का रिकॉर्ड प्रोडक्शन किया गया है. यह लक्ष्य 20 मार्च 2026 को पूरा कर लिया गया है.

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राज्यों का आवंटन बढ़ाया

  • मजबूत प्रोडक्शन के बलबूते स्टॉक से कोयले की सप्लाई को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसी भी राज्य में कोयले की कमी न हो.
  • कोयला मंत्रालय ने राज्यों को भी बढ़ी राहत दी है. कोयला कंपनियों ने राज्यों के लिए कोयले का आवंटन पहले के मुकाबले बढ़ा दिया है.
  • राज्य के पावर प्लांट्स अब पूरी क्षमता के साथ काम कर सकेंगे.

30 स्पॉट ऑक्शन किए जाएंगे आयोजित

कोयला मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी के मुताबिक मार्केट में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता और लिक्विडिटी को बनाए रखने के लिए कोयला कंपनियों द्वारा इस साल अप्रैल में 30 स्पॉट ऑक्शन्स भी आयोजित किए जाएंगे.

विस्फोटक की लागत में बढ़ोतरी

  • संयुक्त सचिव के मुताबिक अमोनियम नाइट्रेट की कीमत 50 हजार रुपए प्रति टन से बढ़कर 72 हजार रुपए प्रति टन हो गई है. विस्फोटकों की लागत 26 फीसदी बढ़ गई है.
  • संजीव कुमार कस्सी के मुताबिक बढ़ी हुई कीमतों के कारण बढ़ती लागत का बोझ कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज जैसी सरकारी कंपनियों ने उठाया है. कोयले के दाम नहीं बढ़ाए हैं.
  • संयुक्त सचिव के मुताबिक खदानों के पास 170 मिलियन टन का स्टॉक मौजूद है.
  • छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए ई-नीलामी का साइज बढ़ाकर लगभग प्रतिदिन (महीने में 30) कर दी है.

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मुनाफाखोरी और जमाखोरी पर रखें नजर

कोल मंत्रालय के जॉइंट सचिव के मुताबिक मार्च 2026 में 32.53 मिलियन टन कोयला ऑफर किया गया था, जिसमें से ग्राहकों ने केवल 40.94 फीसदी ही बुक किया है. अप्रैल में भी बुकिंग लगभग 38 फीसदी रही है, यह दर्शाता है कि मार्केट में कोयले की डिमांड से ज्यादा सप्लाई मौजूद है. कोयल मंत्रालय ने राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिया है कि वह बाजार में कोयले की कीमत पर नजर रखें. अगर कोई एजेंसी या बिचौलिया जमाखोरी या अनुचित मुनाफाखोरी करके आर्टिफिशियल तौर से दम बढ़ाता है तो उस पर सख्त एक्शन लिया जाए.