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दुनिया के एक हिस्से में जब अशांति फैलती है, तो उसकी लहरें भारत के रसोईघर तक पहुंचने लगती हैं. पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी मौजूदा संघर्ष ने कुछ ऐसी ही चिंता पैदा कर दी थी. लेकिन, भारत सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है. शनिवार को दिल्ली में हुई इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में सरकार ने जो आंकड़े और जानकारी साझा की है, वह हर भारतीय को सुकून देने वाली है. सरकार ने साफ कर दिया है कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और घबराने की कोई बात नहीं है.
सबसे बड़ी खबर समंदर से आ रही है. जब पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टिकी थीं, तब भारत के दो विशाल एलपीजी टैंकर- 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' ने सफलतापूर्वक इस चुनौतीपूर्ण रास्ते को पार कर लिया है. ये जहाज करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. यह महज एक खबर नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक जीत का सबूत है.
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, ये दोनों जहाज 16 और 17 मार्च को गुजरात के कांडला और मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच जाएंगे. सरकार ने पोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों को 'प्रायोरिटी बर्थिंग' यानी प्राथमिकता के आधार पर जगह दी जाए. पिछले कुछ दिनों में छह एलपीजी जहाज पहले ही भारत के प्रमुख बंदरगाहों पर उतर चुके हैं.
सरकार केवल जहाजों पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसने रसद और शिपिंग लाइनों के साथ मिलकर समुद्री व्यापार पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए पूरा जाल बिछा दिया है. बंदरगाहों को निर्देश दिया गया है कि वे संकट के इस समय में शुल्क और भंडारण शुल्कों में रियायत दें, ताकि जरूरी सामानों की कीमतों पर असर न पड़े.
गैस की सप्लाई को लेकर बाजार में एक तरह का डर फैल गया था, जिसके चलते पैनिक बुकिंग में भारी उछाल देखा गया. आंकड़ों की मानें तो रोजाना होने वाली औसत बुकिंग 55.7 लाख से बढ़कर अचानक 88.8 लाख तक पहुंच गई. सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. अब पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए 'राशनिंग' के उपाय किए गए हैं.
नए नियमों के मुताबिक, अब शहरी इलाकों में एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा. वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए यह समय सीमा 45 दिन तय की गई है. सरकार का कहना है कि यह नियम केवल पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी को रोकने के लिए है. साथ ही, उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे गैस एजेंसी पर भीड़ लगाने के बजाय व्हाट्सएप, एसएमएस या मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों का ही इस्तेमाल करें.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बहुत ही सकारात्मक आंकड़ा पेश किया है. देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 31 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. भारत की सभी रिफाइनरियां इस वक्त हाई अलर्ट पर हैं और अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. पेट्रोल और डीजल के मामले में भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर है और हमें बाहर से इनके आयात की कोई जरूरत नहीं है.
नेचुरल गैस (PNG और CNG) की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी. होटल और रेस्टोरेंट को सलाह दी गई है कि वे कमर्शियल एलपीजी के बजाय पीएनजी कनेक्शन पर शिफ्ट हों, ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों पर दबाव कम किया जा सके. एनसीआर जैसे इलाकों में अस्थाई रूप से बायोमास के इस्तेमाल की भी इजाजत दी गई है.
संकट के समय कुछ लोग मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ राज्य सरकारों ने मोर्चा खोल दिया है. उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,483 ठिकानों पर छापेमारी की गई है और 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र और राजस्थान में भी प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण किया है.
हरियाणा, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाल रखा है. करीब 17 राज्यों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं जो पल-पल की सप्लाई पर नजर रख रहे हैं. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि जमाखोरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
किसानों के लिए भी सरकार ने खुशखबरी दी है. आने वाले खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में खाद का स्टॉक पर्याप्त से भी ज्यादा है. यूरिया का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है और डीएपी (DAP) का स्टॉक तो लगभग दोगुना है. रबी सीजन खत्म होने के साथ ही घरेलू यूरिया का उत्पादन भी बढ़ जाएगा. इसके अलावा, ग्लोबल टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं और मार्च अंत तक नई सप्लाई भी पहुंच जाएगी.
विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर अपडेट दिया है. अब तक करीब 1,72,000 भारतीय संघर्ष प्रभावित इलाकों से सुरक्षित लौट चुके हैं. ओमान और इराक जैसी जगहों पर कुछ दुखद घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई है, लेकिन भारतीय मिशन उनके परिवारों की हर संभव मदद कर रहे हैं और पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है.
ब्रिक्स (BRICS) देशों के भीतर भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक साझा रुख बनाने के लिए चर्चा चल रही है. भारत लगातार बातचीत और शांति की अपील कर रहा है ताकि ऊर्जा और व्यापार के रास्ते सुरक्षित रहें. सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो या गलत जानकारी से बचें और केवल सरकारी हैंडल्स पर ही भरोसा करें.