US-China Trade War से कारोबार जगत में हलचल, भारत पर हो सकता है ये असर

अमेरिका ने चीनी सामान पर 10 फिसदी की इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा कर 25 फीसदी कर दिया है. अमेरिकी ने चीन के करीब 200 अरब डॉलर के उत्पाद पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया है. 
 US-China Trade War से कारोबार जगत में हलचल, भारत पर हो सकता है ये असर

9 मई को चीन और अमेरिका के इस मुद्दे पर फिर से बातचीत होने जा रही है. बातचीत में दोनों दोशों के बीच छिड़ा ट्रेड वॉर का मुद्दा सुलझ सकता है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ चल रहे व्यापार युद्ध को और तेज करते हुए 10 मई से चीन के सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. अमेरिका ने चीनी सामान पर 10 फिसदी की इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा कर 25 फीसदी कर दिया है. अमेरिकी ने चीन के करीब 200 अरब डॉलर के उत्पाद पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया है.

अमेरिका के इस कदम से दुनियाभर के कारोबारी जगत में हलचल मच गई है. हालांकि ट्रंप की धमकी के बाद से ही विभिन्न देशों के स्टॉक मार्केट पर इसका असर देखा जा रहा था. भारत में संसेक्स लगातर गोते खा रहा है.

आज होगी 11वें दौर की वार्ता
हालांकि आज 9 मई को चीन और अमेरिका के इस मुद्दे पर फिर से बातचीत होने जा रही है. माना जा रहा है कि आज की बातचीत में दोनों दोशों के बीच छिड़ा यह ट्रेड वॉर का मुद्दा सुलझ सकता है. जानकार मानते हैं कि अमेरिका ने बैठक से ठीक पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला भी इसीलिए किया है कि चीन पर दबाव बनाकर इस मुद्दे को खत्म किया जा सके. दोनों देशों के बीच अब तक इस मुद्दे पर 10 दौर की बातचीत हो चुकी है. दिसंबर में हुई बातचीत में ट्रेड वॉर को 100 दिन के लिए स्थगित करने का फैसला हुआ था, जिसकी मियाद मार्च में खत्म हो चुकी है.

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वाशिंगटन में 9-10 मई को होने जा रही 11वें दौर की व्यापार वार्ता से पहले सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पहले चार माहीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार 173 अरब डॉलर रहा, जो 2017 की समान अवधि की तुलना में 20 फीसदी कम है.

IMF ने जताई चिंता
अब जब कल यानी 10 मई से इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ जाएगी तो बाजार जगत का क्या हाल होगा, इसकी आशंका से दुनियाभर अर्थशास्त्री और बड़े कारोबारी चिंतित हैं. दोनों महाशक्तिों के बीच चल रहे ड्रेट वॉर पर विश्व मुद्रा कोष समेत कई दिग्गज हस्तियों चिंता जाहिर कर चुकी हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्द ने इस मुद्दे पर कहा कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहा व्यापार युद्ध विश्व अर्थव्यवस्था के लिये सबसे बड़ा खतरा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप के इस फैसले के बाद विश्व की अर्थव्यवस्था के परिणाम क्या होंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता.

वॉरेन बफेट बताया दुनिया के लिए खतरा
विश्व के सबसे रईस व्यक्तियों में से एक वॉरेन बफेट ने अमेरिका और चीन के बीच छिड़े व्यापार युद्ध पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि दोनों महाशक्तियों के बीच चल रहा ट्रेड वार पूरी दुनिया के लिए नुकसानदायक है. बफेट का कहना है कि अमेरिका द्वारा चीनी सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने से पैदा हालात पूरी दुनिया के लिए खराब होंगे. उन्होंने कहा कि ट्रेड वॉर का मसला सुलझने में ही सबकी भलाई है क्योंकि, यह पूरी दुनिया के लिए बुरा होगा. टैरिफ पर तोल-मोल खतरनाक है.

अलीबाबा प्रमुख जैक मा ने बताया बेवकूफाना
चीन के टायकून और अलीबाबा के सहसंस्थापक जैक मा का कहना है कि उन्हें बीजिंग और वाशिंगटन के बीच मौजूदा व्यापार युद्ध पसंद नहीं है और यह विश्व की सबसे बेवकूफाना चीज है. ट्रेड वार से दूसरे देशों से आने वाले सामान की कीमतें बढ़ जाती हैं और वे बाजार में टिक नहीं पाती हैं. इससे उस सामान के निर्माता देशों को भारी नुकसान होता है.

भारत को फायदा
अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर के तहत अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते वैश्विक बाजारों में भारत को फायदा मिल रहा है. विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों से 2018-19 में भारत से अमेरिका को एल्युमिनियम के निर्यात में भारी बढ़ोतरी हुई है और ये ट्रेंड अगले साल 2019-20 में भी जारी रहने का अनुमान है. कांग्रेसियल रिसर्च सर्विस (CRS) के मुताबिक भारत से अमेरिका को एल्युमिनियम का निर्यात में 2018 में 58 प्रतिशत बढ़कर 22.1 करोड़ डॉलर का हो गया.

अमेरिकी बाजारों में भारतीय एल्युमिनियम की मांग अभी भी तेज बनी हई है. अमेरिका द्वारा चीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिकी खरीदार भारत का रुख कर रहे हैं. इसके चलते नाल्को, हिंडाल्को और वेदांता जैसी भारतीय एल्युमिनियम कंपनियों ने अपने उत्पादन में बढ़ोतरी की है.

इसका असर घरेलू बाजार में एल्युमिनियम की कीमतों पर भी पड़ा है. इस समय एल्युमिनियम की कीमत करीब 146 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिसमें जून तक करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है. घरेलू बाजार में भी एल्युमिनियम की मांग तेज रहेगी, खासतौर से इलेक्ट्रॉनिक और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के क्षेत्र में और इस कारण इस घातु की कीमतों में फिलहाल तेजी का रुख ही रहेगा और अगले 2-3 महीनों के दौरान इसमें करीब 20 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी देखी जा सकती है.

डोनाल्ड ट्रंप का फैसला
अमेरिका ने चीन के उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई
अमेरिका ने इंपोर्ट ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 25% की
चीनी सामान पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी 10 मई से लागू
200 अरब डॉलर के उत्पाद पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है

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