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ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार से की बड़ी मांग.प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के संगठन ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) ने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, लेकिन इसका लाभ अभी तक आम जनता और परिवहन उद्योग तक नहीं पहुंचा है.
एसोसिएशन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल से घटकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अवधि बढ़ने तथा समुद्री आपूर्ति मार्गों में संभावित स्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है. इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई राहत नहीं दी गई है.
एसोसिएशन ने कहा कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है. संगठन का दावा है कि कई राज्यों में ईंधन की कीमतें इससे भी अधिक हैं.
एसोसिएशन का कहना है कि ट्रांसपोर्ट उद्योग पहले से ही बढ़ती लागत के दबाव का सामना कर रहा है. डीजल की ऊंची कीमतों के अलावा एन्हांसमेंट कंपन्सेशन चार्ज (ECC), लगातार बढ़ते टोल टैक्स, भारी-भरकम जुर्माने और विभिन्न परिचालन प्रतिबंधों ने व्यावसायिक वाहनों का संचालन महंगा बना दिया है. संगठन के मुताबिक जब ट्रकों की रफ्तार धीमी पड़ती है तो इसका असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है, क्योंकि भारत में 75 प्रतिशत से अधिक माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है.
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्यान्न, फल-सब्जियों, निर्माण सामग्री, दवाइयों और रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है. एसोसिएशन का मानना है कि परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई का दबाव पूरे सप्लाई चेन में दिखाई देता है और इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है.
एसोसिएशन के अनुसार मई 2026 के दौरान तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की थी. संगठन का दावा है कि मात्र 11 दिनों में पेट्रोल करीब 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ.
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जल्द से जल्द उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए. संगठन ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उचित कटौती करने, परिवहन क्षेत्र को राहत देने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है.