टेलीकॉम पर संसद की स्थायी समिति करेगी बैठक, DoT-TRAI के अधिकारी देंगे जवाब, नेट न्यूट्रैलिटी-उपभोक्ता अधिकारों पर होगी चर्चा

लोकसभा सचिवालय ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति (2025-26) की अगली बैठक के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किया है. 26 मई 2026 को होने वाली इस बैठक में दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. बैठक का मुख्य एजेंडा टेलीकॉम सेक्टर में 'सर्विस की गुणवत्ता' (QoS Standards) और 'उपभोक्ता संरक्षण' (Consumer Protection) की समीक्षा करना है.
टेलीकॉम पर संसद की स्थायी समिति करेगी बैठक, DoT-TRAI के अधिकारी देंगे जवाब, नेट न्यूट्रैलिटी-उपभोक्ता अधिकारों पर होगी चर्चा

लोकसभा सचिवालय ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति (2025-26) की अगली बैठक के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किया है. प्रतीकात्मक फोटो

देश में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट की गिरती क्वालिटी (Call Drop Issue) और ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर संसद बेहद गंभीर हो गई है. लोकसभा सचिवालय (Lok Sabha Secretariat) की तरफ से जारी एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति एक बेहद महत्वपूर्ण आपात बैठक करने जा रही है.

यह बैठक 26 मई 2026 (मंगलवार) को सुबह 11:00 बजे से नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी (PHA) के कमेटी रूम 'B' में आयोजित की जाएगी. इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया गया है, जिन्हें सांसदों के कड़े सवालों के जवाब देने होंगे.

सर्विस की खराब क्वालिटी पर कड़े सवाल

पिछले कुछ समय से देश भर में मोबाइल उपभोक्ताओं को खराब नेटवर्क, अचानक कॉल कट जाने (Call Drop) और धीमी इंटरनेट स्पीड का सामना करना पड़ रहा है. संसद की यह स्थायी समिति दूरसंचार विभाग और ट्राई के अधिकारियों से पूछेगी कि ग्राहकों को बेहतर सर्विस देने के लिए जो कड़े मानक (Standards) तय किए गए थे, उन्हें टेलीकॉम कंपनियां पूरी तरह क्यों नहीं मान रही हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर क्या कार्रवाई की गई, इसका पूरा ब्योरा मांगा जाएगा.

उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा

इस बैठक का एक बड़ा हिस्सा टेलीकॉम सेक्टर में ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा पर केंद्रित होगा. छिपे हुए चार्ज, बिना मर्जी के एक्टिवेट होने वाली वैल्यू ऐडेड सर्विसेज और कस्टमर केयर से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में होने वाली देरी को लेकर ट्राई के मौजूदा नियमों की समीक्षा की जाएगी, ताकि आम मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके.

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नेट न्यूट्रैलिटी (Net Neutrality) पर विशेष फोकस

नोटिस के अनुसार, इस बैठक में 'नेट न्यूट्रैलिटी' से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान (Special Focus) दिया जाएगा. नेट न्यूट्रैलिटी का मतलब है कि इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियों (जैसे जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया) को इंटरनेट पर मौजूद सभी डेटा और ऐप्स को एक समान मानना होगा. वे किसी खास ऐप (जैसे यूट्यूब, व्हाट्सएप या नेटफ्लिक्स) को फायदा पहुंचाने के लिए इंटरनेट की स्पीड को कम या ज्यादा नहीं कर सकती हैं. इस मुद्दे पर देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिहाज से कड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं.

Conclusion

अवर सचिव सलिल सरोज द्वारा 22 मई 2026 को जारी किए गए इस नोटिस के अनुसार, बैठक से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज (Agenda Papers) समिति के माननीय अध्यक्ष और सदस्यों को डिजिटल रूप से उनके मेंबर्स पोर्टल और ईमेल पर भेज दिए गए हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में टेलीकॉम सर्विस देश की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन बन चुकी है, ऐसे में संसद की इस समिति का यह कड़ा रुख देश के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट उपभोक्ताओं को आने वाले समय में एक बेहतर, पारदर्शी और सस्ती टेलीकॉम सर्विस दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा.

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