Exclusive Interview: अनिल सिंघवी ने TRAI चेयरमैन से की खास बातचीत, AI और स्पैम कॉल से लेकर 5G-6G तक पर हुई चर्चा

TRAI Chairman Interview: अनिल कुमार लाहोटी ने बताया कैसे रुकेगी स्पैम कॉल, क्या है बिल्डिंग्स की स्टार रेटिंग और 6G का प्लान. जानिए टेलीकॉम सेक्टर में आने वाले बड़े बदलावों की पूरी डिटेल.
Exclusive Interview: अनिल सिंघवी ने TRAI चेयरमैन से की खास बातचीत, AI और स्पैम कॉल से लेकर 5G-6G तक पर हुई चर्चा

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने ज़ी बिज़नेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी के साथ एक खास Exclusive Interview में बात की. इसमें उन्होंने टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर के फ्यूचर का पूरा रोडमैप पेश किया.

उन्होंने स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए एआई और ब्लॉकचेन के इस्तेमाल, ऊंची बिल्डिंग में खराब नेटवर्क की समस्या सुलझाने के लिए 'डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग' और 6G की तैयारियों पर भी बात की. इसके अलावा उन्होंने इनडोर कनेक्टिविटी और 'डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन' के बारे में भी बात की.

कौन हैं अनिल कुमार लाहोटी?

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अनिल कुमार लाहोटी जनवरी 2024 से TRAI चेयरमैन पद पर हैं. इससे पहले उन्होंने 37 साल तक रेलवे में अपनी सेवाएं दी हैं. उन्होंने ग्वालियर से इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और IIT रुड़की से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

इंटरव्यू में हुई क्या बातें?

अनिल सिंघवी ने अनिल लोहाटी से इंटरव्यू में कई सवाल पूछे, जिनका अनिल लोहाटी ने जवाब दिया. आइए जानते हैं दोनों में क्या-क्या सवाल-जवाब हुए.

Q- स्पैम कॉल, डिजिटल फ्रॉड पर क्या काम चल रहा है?

A- कंज्यूमर के हक की रक्षा और सही दर पर सर्विस दिलाना TRAI की जिम्मेदारी है. सर्विस क्वॉलिटी को लेकर नियम, समय-समय पर अपग्रेड करते हैं. क्वॉलिटी ऑफ सर्विस में बदलाव कर उसे आधुनिक बनाया गया है. स्पैम को लेकर TRAI ने टेक आधारित मजबूत व्यवस्था बनाई है. देशभर में रोजाना करीब 11,000 करोड़ कॉल और SMS होते हैं.

स्पैम की समस्या को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है. टेलीमार्केटिंग स्पैम रोकने के लिए ब्लॉकचेन बेस्ड टेक का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिन कंज्यूमर्स ने टेलीमार्केटिंग कॉल ब्लॉक किया है, उनके पास स्पैम कॉल नहीं जाती हैं. कई बार लोग पर्सनल नंबर का दुरुपयोग कर कमर्शियल कॉल करते हैं. पर्सनल नंबर के दुरुपयोग को रोकने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. हर रोज करीब 40 करोड़ कॉल/SMS को ब्लॉक करते हैं या वॉर्निंग देते हैं. हर 1 करोड़ कॉल या SMS के बीच सिर्फ 1 स्पैम की शिकायत आ रही है.

Q- डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन पर पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया, ये है क्या?

A- डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन TRAI का महत्वपूर्ण कदम है. Do Not Disturb रजिस्ट्री के जरिए सेक्टर वाइज मार्केटिंग कॉल रोक सकते हैं. कंज्यूमर चाहे तो किसी एक कंपनी को कॉल की अनुमति दे सकता है. कंज्यूमर कई बार कंसेंट देकर याद नहीं रख पाता. ऐसे में कंज्यूमर को पावर देने के लिए डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन का प्रावधान लाया गया है. डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन के जरिए कंज्यूमर अपना कंसेंट देख सकेगा.

Q- डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन कब से लागू होगा?

A- डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. अभी यह पायलट प्रोजेक्ट बैंकिंग सेक्टर में किया गया है. RBI के सहयोग से 11 बड़े बैंकों को पायलट प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है. पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 में लॉन्च किया था, जो सफल रहा. अब इन बैंकों में इसे पूरी तरह से लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाद में इसे बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंशियल सेक्टर में लागू करेंगे.

Q- बड़े-बड़े घरों में कनेक्टिविटी की समस्या, इनडोर सिस्टम पर काम चल रहा है?

A- 4G, 5G कंज्यूमर का हर महीने डेटा कंजम्पशन करीब 28 GB है. डेटा कंजम्पशन बढ़ तो रहा है, लेकिन चैलेंज भी आए हैं. इनडोर कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या बनी है. 5G टेक्नोलॉजी में हायर फ्रिक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल किया जा रहा है. हायर फ्रिक्वेंसी सिग्नल्स जब दीवार पार करते हैं तो फ्रिक्वेंसी कमजोर हो जाती है. बिल्डिंग्स के अंदर भी डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रा उपलब्ध कराना होगा. छोटी पावर के एंटेना बिल्डिंग्स में लगाए जाएंगे, ताकि सही सर्विस मिले. एक एंटेना से सभी सर्विस प्रोवाइडर सर्विस उपलब्ध कराएंगे.

Q- क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे पता चले कि किस बिल्डिंग्स में एंटेना लगा है?

A- TRAI हर प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग करेगा. डिजिटल कनेक्टिविटी के आधार पर प्रॉपर्टी को स्टार रेटिंग मिलेगी. स्टार रेटिंग के जरिये कंज्यूमर पता कर सकेगा कि उसे कैसी कनेक्टिविटी मिलेगी.

Q- टेलीकॉम कंपनियों की भी दिक्कते हैं, अच्छी सर्विस पर कंपनियों को प्रॉफिटेबिलिटी का बैलेंस कैसे करेंगे?

A- अनिल लोहाटी ने कहा कि इंडस्ट्री को भी ग्रो करना होगा, तभी सर्विस सुधरेगी. कंज्यूमर और इंडस्ट्री दोनों के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है. इंडस्ट्री को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' उपलब्ध कराना जरूरी है. इंडस्ट्री को बिजनेस की बेहतर सुविधा देने का काम कर रहे हैं. स्पेक्ट्रम की कीमतों को रेशनलाइज करने की दिशा में काम किया जा रहा है. प्रावधान किया है कि टेलीकॉम प्रोवाइडर इंफ्रा को शेयर कर सकें. उन्होंने बताया कि जो भी प्रावधान किए जाते हैं उसमें ध्यान रखते हैं कि वो इनोवेशन फ्रेंडली हों.

Q- डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टिंग मुश्किल दौर से गुजर रहा है, चुनौतियों को लेकर TRAI का क्या अप्रोच है?

A- अनिल लोहाटी ने जवाब दिया प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना बेसिक प्रिंसिपल है. ऐसी पॉलिसी बनानी है, जिससे छोटे प्लेयर्स को दिक्कत नहीं आए. नए खिलाड़ियों के लिए एंट्री बैरियर कम करने पर काम किया जा रहा है. इन सबके बीच कंज्यूमर को फेयर चॉइस प्रोवाइड कराना प्राथमिकता है. पारंपरिक ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर के सामने आज कई चुनौतियां हैं. अल्टरनेटिव टेक्नोलॉजी बड़ी चुनौती बनकर उभरी है. पारंपरिक ब्रॉडकास्टिंग को राहत के लिए 'ईज ऑफ डूईंग बिजनेस' पर काम जारी है. रेगुलेशन को जहां संभव है वहां आसान कर रहे हैं. स्मॉल प्लेयर को लेवल प्लेइंड फील्ड उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है.

Q- AI टॉक ऑफ द टाउन है, यहां पर क्या चिंताएं हैं, क्या चुनौतियां हैं, क्या मौके हैं, अगले 3-5 साल में TRAI का क्या प्लान है?

A- वह बोले AI हमारी पूरी इकोनॉमी और सोसाइटी में हर जगह आने वाला है. ये बहुत ही सशक्त टेक्नोलॉजी है जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी. टेलीकॉम सेक्टर में AI की बड़ी भूमिका होने वाली है. नेटवर्क को मैनेज करने के लिए AI की बड़ी भूमिका होने वाली है. टेलीकॉम सेक्टर के जटिल वर्कफ्लो मैनेज करने में AI की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. कंज्यूमर को बेहतर सुविधाएं प्रोवाइड करने में AI की महत्वपूर्ण भूमिका है.

Q- टेलीकॉम और ब्रॉडकास्ट इकोसिस्टम में TRAI का क्या विजन है, 6G में हम कैसे आगे बढ़ेंगे?

A- वॉइस, डेटा और कंटेंट डिलिवरी समय के साथ तीनों एक हो रहे हैं. सेक्टर में बड़ा बदलाव हो रहा, जिसे रेगुलेशन में हमें ध्यान रखना होगा. टेलीकॉम नेटवर्क अब समय के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदल रहे हैं. टेलीकॉम नेटवर्क अब वॉइस और डेटा सर्विस देने के आगे स्टोरेज की सुविधा भी देंगे. AI की सुविधा देना भी शुरू कर दिया है. 6G टेक्नोलॉजी AI आधारित होगी.

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