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बीएसएनएल अब निजी कंपनियों की तरह पूरे देश में हाई-स्पीड इंटरनेट (High-Speed Internet) और डेटा सेवाएं देने की तैयारी में है. शुक्रवार, 26 सितंबर को इसका लॉन्च संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में किया जाएगा. यह कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए भी बड़ी खुशखबरी है.
बीएसएनएल ने साफ किया है कि यह 4जी सेवा पूरी तरह से देशी तकनीक और देश में बने उपकरणों के जरिए शुरू की जाएगी. यानी अब भारत का टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector) और ज्यादा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है.
यह लॉन्च इसलिए खास है क्योंकि बीएसएनएल लंबे समय से प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से पिछड़ रही थी. अब अपने 4जी नेटवर्क से कंपनी दोबारा बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी.
बीएसएनएल इस बार पूरी तरह से इंडिजिनस टेक्नोलॉजी (Indigenous Technology) का इस्तेमाल कर रही है. इसका मतलब है कि टावर, रेडियो नेटवर्क और सॉफ्टवेयर से लेकर पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है. यह न सिर्फ मेक इन इंडिया (Make in India) को बढ़ावा देगा बल्कि विदेशी कंपनियों पर निर्भरता भी कम करेगा.
बीएसएनएल ने पिछले महीने दिल्ली (Delhi) में एक पार्टनर नेटवर्क की मदद से सॉफ्ट लॉन्च किया था. इसमें नए ग्राहकों को तुरंत हाई-स्पीड वॉइस और डेटा की सुविधा दी गई. यह शुरुआत काफी सकारात्मक रही और इससे पता चलता है कि बीएसएनएल का नेटवर्क अब प्राइवेट कंपनियों को टक्कर देने लायक हो गया है.
बीएसएनएल ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पिछले साल 25,000 करोड़ रुपये के निवेश (Investment) से की थी. अब कंपनी एक और 47,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है ताकि नेटवर्क को और ज्यादा मजबूत बनाया जा सके.
सूत्रों के मुताबिक कंपनी का लक्ष्य है कि सितंबर 2025 के अंत तक पूरे देश में 4जी रोलआउट पूरा कर लिया जाए. इसका मतलब है कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में देश के हर कोने में बीएसएनएल की 4जी सेवाएं मिलेंगी.
बीएसएनएल का यह कदम निजी कंपनियों के लिए चुनौती साबित हो सकता है. खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में, जहां अभी भी बीएसएनएल का अच्छा खासा नेटवर्क है, वहां लोग इस 4जी सेवा को हाथोंहाथ लेंगे. इससे टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा (Competition) और तेज हो जाएगी.
बीएसएनएल का पैन इंडिया 4जी लॉन्च भारत के टेलीकॉम इतिहास में बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है. यह न सिर्फ देशी तकनीक को बढ़ावा देगा, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर और सस्ती सेवाएं भी देगा. अब देखना यह होगा कि बीएसएनएल कैसे प्राइवेट कंपनियों को टक्कर देकर दोबारा बाजार में अपनी जगह बना पाती है.
यह भारत सरकार की स्वामित्व वाली टेलीकॉम कंपनी है.
यह मोबाइल नेटवर्क की चौथी पीढ़ी है जो तेज इंटरनेट और बेहतर कॉलिंग सुविधा देती है.
हां, 4जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही 5जी का बेस तैयार होता है.
अक्सर हां, क्योंकि इसका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि सेवा देना होता है.
टेक्नोलॉजी अपग्रेड में देरी और निवेश की कमी इसकी बड़ी वजह थी.
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