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Indian economy GDP growth rate.
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मार्च 2027 तक तीन वित्त वर्षों में सालाना 6.5-7 फीसदी के बीच बढ़ने का गुरुवार को अनुमान लगाया. बुनियादी ढांचे पर खर्च और निजी खपत से वृद्धि को गति मिलना इसकी मुख्य वजह रहेगी. अपनी वैश्विक बैंक परिदृश्य रिपोर्ट में एसएंडपी ने कहा कि अच्छी आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता को समर्थन देना जारी रखेंगी, जबकि स्वस्थ कॉर्पोरेट बही-खाते, सख्त ‘अंडरराइटिंग’ मानक और बेहतर जोखिम प्रबंधन प्रथाएं परिसंपत्ति गुणवत्ता को और स्थिर करेंगी.
एसएंडपी ने कहा, ‘‘ भारत का बुनियादी ढांचा व्यय और निजी खपत मजबूत आर्थिक वृद्धि को समर्थन देगा. हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-2027 (31 मार्च को समाप्त होने वाला वर्ष) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना 6.5-7.0 फीसदी की वृद्धि होगी.भारत की अच्छी आर्थिक वृद्धि संभावनाएं बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता का समर्थन करना जारी रखेंगी.’’ भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जो 2023-24 के 8.2 फीसदी से कम है.
पिछले दिनों S&P ग्लोबल ने कहा था कि भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. इसने कह था कि बढ़ती जनसंख्या बुनियादी सेवा का दायरा बढ़ाने में बढ़ती चुनौतियों को प्रस्तुत करती है और उत्पादकता बनाए रखने के लिए निवेश की बढ़ती जरूरतें भी सामने आती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अगले दशक और उससे आगे के लिए उच्च महत्वाकांक्षाएं हैं. वर्तमान में 3,600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत का लक्ष्य 2047 तक 30 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है. भारत इस समय दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.