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SBI Chairman CS Setty.
अगले हफ्ते रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी की अहम बैठक होने वाली है. माना जा रहा है कि RBI फिर से रेपो रेट में 25 bps की कटौती कर सकता है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि अगले हफ्ते नीतिगत ब्याज दर में 0.25% की कटौती होने की स्थिति में भी बैंक NIMs यानी नेट इंटरेस्ट मार्जिन का 3% का लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है.
बता दें कि जब रेपो रेट कट होता है तो बैंक लोन पर इंटरेस्ट रेट को घटा देते हैं ताकि इसका बेनिफिट्स ग्राहकों को मिल सके. जाहिर है लोन पर इंटरेस्ट रेट घटाने के कारण डिपॉजिट्स पर भी इंटरेस्ट रेट घटा दिया जाता है. नहीं तो नेट इंटरेस्ट इनकम घट जाएगी. ऐसे में जब रेट कट साइकिल चलता है तो उस बेनिफिट को पास करने के कारण बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIMs पर दबाव देखा जाता है और यह डाउन साइकिल में चला जाता है.
शेट्टी ने कहा कि रिजर्व बैंक नीतिगत रेपो दर पर अगले सप्ताह एक मुश्किल फैसला लेगा, लेकिन बैंक का अनुमान है कि अगर ब्याज दर में कटौती होती है, तो यह सिर्फ 0.25% की मामूली कटौती होगी, जिसका मार्जिन पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बैंक के पास अपने NIMs को बनाए रखने के लिए कई उपाय हैं. इसमें नकद आरक्षित अनुपात ( Cash Reserve Ratio) में एक% कटौती का पूरा लाभ, पहले उच्च दरों पर की गई सावधि जमाओं (Fixed Deposits) का पुनर्मूल्यांकन और बैंक खाते की 0.2% दर कटौती शामिल है.
उन्होंने यह भी बताया कि बैंक की केवल 30 फीसदी असेट्स रेपो रेट से लिंक्ड हैं. लिहाजा रिजर्व बैंक की दर कटौती का प्रभाव सीमित रहेगा. उन्होंने कहा कि सितंबर तिमाही में एसबीआई ने NIMs को 0.03% बढ़ाकर 2.93% किया था और इसके आधार पर वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक NIMs 3% से अधिक रहने को लेकर आश्वस्त हैं.
(भाषा इनपुट के साथ)