&format=webp&quality=medium)
Helipads on new highways: सरकार नए हाइवे पर हेलीपैड (helipads) बनाने पर विचार कर रही है, क्योंकि इससे किसी इमरजेंसी में लोगों को तत्काल बचाने में मदद मिलेगी.नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने मंगलवार को कहा कि उनके मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की है. भाषा की खबर के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय संपर्क बढ़ाने के लिए, खासकर दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में, हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
खबर के मुताबिक, सिंधिया ने कहा कि सभी नए हाइवे के साथ ही हेलीपैड (helipads) होने चाहिए, ताकि बुनियादी ढांचा तैयार हो. उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे पर हेलीपैड (helipads) होने से आपात स्थिति के दौरान तत्काल निकासी में मदद मिलेगी. सिंधिया और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वी के सिंह, दोनों ने हर जिले में हेलीपैड (helipads on new highways) बनाने की वकालत की है. वे राष्ट्रीय राजधानी में नागरिक उड्डयन मंत्रियों (Jyotiraditya Scindia) के सम्मेलन में बोल रहे थे.
सरकार ने एम्स ऋषिकेश (उत्तराखंड) में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने के लिए अगले कुछ हफ्तों में 'प्रोजेक्ट संजीवनी' नाम से एक हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा (एचईएमएस) को शुरू करने का फैसला भी किया है. इस समय लगभग 80 समर्पित हेलीकॉप्टर गलियारे हैं. देश में हर साल लाखों लोग दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठते हैं. अगर इन्हें मौके पर ही मेडिकल सर्विस उपलब्ध करा दी जाए तो कई लोगों की जान बच सकती है. खासकर मैदानी इलाकों से ज्यादा समस्या पहाड़ी और दूर-दराज के क्षेत्रों में होती है.
देशभर में हाइवे के किनारे जगह-जगह पर हेलीपैड (helipads) बनाने से पहले सरकार ने हाइवे पर लड़ाकू विमान उतारने के फैसले को अमलीजामा पहना चुकी है.देश के कुछ चुनिंदा नेशनल हाइवे इतने सक्षम हैं कि युद्ध के समय या किसी इमरजेंसी के समय हाइवे पर लड़ाकू विमान आसानी से उतारे जा सकते हैं और उड़ान भी भर सकते हैं.