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(Image: PTI)
CPI in September 2021: खुदरा महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है. सितंबर में रिटेल महंगाई दर (CPI) घटकर 4.35 फीसदी पर आ गई है. अगस्त में यह 5.30 फीसदी पर थी. नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में खाने-पीने की महंगाई (Food Inflation) में भारी गिरावट आई है. सितंबर में यह घटकर 0.68 फीसदी पर आ गई, जो अगस्त में 3.11 फीसदी थी. सितंबर में खुदरा महंगाई जनवरी 2021 के बाद से सबसे कम है.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी समीक्षा में रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर गौर करता है. सरकार ने महंगाई को 4 फीसदी के दायरे में रखने का टारगेट दिया है. इसमें 2 फीसदी कम ज्यादा हो सकता है. पिछले हफ्ते आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि रिटेल महंगाई में नरमी का रुख है. आने वाले महीने में इसका बेस इफेक्ट्स पर पॉजिटिव असर हो सकता है.
रिजर्व बैंक ने 2021-22 के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.3 फीसदी रखा है. वहीं, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए सीपीआई का अनुमान 5.1 फीसदी, तीसरी तिमाही के लिए 4.5 फीसदी और आखिरी तिमाही के लिए 5.8 फीसदी रखा है.
औद्योगिक उत्पादन में बढ़त
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में अगस्त में 11.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. जुलाई में यह 11.50 प्रतिशत था. इंडेक्स में तेजी से यह स्पष्ट संकेत है कि आर्थिक गतिविधियों में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है. अगस्त 2021 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रोडक्शन की ग्रोथ रेट 9.7 प्रतिशत रही. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 23.6 प्रतिशत, बिजली क्षेत्र का 16 प्रतिशत बढ़ा. बीते साल अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 7.1 प्रतिशत घटा था.