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गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई इस वर्ष के अंत से पहले नीतिगत दर में एक और कटौती कर सकता है, जिससे राजकोषीय समेकन और घरेलू नियामकीय ढील के साथ-साथ क्रेडिट डिमांड में धीरे-धीरे सुधार होगा. रिपोर्ट में कहा गया है, "हमें इस वर्ष के अंत से पहले नीतिगत दर में एक और कटौती की उम्मीद है और हाल ही में जीएसटी कटौती से संकेत मिलता है कि राजकोषीय कंसोलिडेशन का पीक अब पीछे छूट गया है. हमें उम्मीद है कि घरेलू नियामकीय ढील के साथ-साथ, इससे ऋण मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा."
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई द्वारा घोषित हालिया उपायों से सप्लाई साइड क्रेडिट की स्थिति में सुधार आना चाहिए; हालांकि, वृद्धिशील ऋण की सीमा व्यापक अर्थव्यवस्था में मांग की स्थिति पर निर्भर करेगी.
दबाव बना रही है बाहरी स्थितियां
रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित भारत की मुद्रास्फीति दर इस वर्ष सितंबर में घटकर 8 वर्षों के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई.
लिक्विडिटी पर ध्यान
आरबीआई ने बढ़ाया जीडीपी अनुमान
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद ने 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की, जो मजबूत निजी खपत और स्थिर निवेश के कारण संभव हुई.सप्लाई साइड पर, सकल मूल्य वर्धन में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि विनिर्माण क्षेत्र में पुनरुद्धार और सेवाओं में निरंतर विस्तार के कारण हुई. उपलब्ध उच्च-आवृत्ति संकेतक बताते हैं कि आर्थिक गतिविधि लगातार मजबूत बनी हुई है. आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि अच्छे मानसून और मजबूत कृषि गतिविधि के कारण ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि शहरी मांग में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.
सवाल: गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार RBI इस साल क्या कदम उठा सकता है?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई इस साल के अंत तक नीतिगत दर में एक और कटौती कर सकता है.
सवाल: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मुख्य बाहरी चुनौतियां क्या हैं?
जवाब: मुख्य बाहरी चुनौतियों में अमेरिका में एच-1बी वीजा की बढ़ती लागत और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ शामिल हैं.
सवाल: सितंबर में भारत की महंगाई दर कितनी थी?
जवाब: इस साल सितंबर में महंगाई दर घटकर 8 साल के सबसे निचले स्तर 1.54% पर आ गई थी.
सवाल: महंगाई दर कम होने से RBI को क्या फायदा हुआ है?
जवाब:कम महंगाई से आरबीआई को नीतिगत दरों में कटौती करने और विकास को बढ़ावा देने का अधिक अवसर मिला है.
सवाल: RBI ने 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान क्यों बदला है?
जवाब: जीएसटी जैसे सुधारों को देखते हुए, आरबीआई ने 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है.
(IANS इनपुट के साथ)