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RBI Monetary Policy: महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने महंगाई का अनुमान घटाया. आरबीआई गवर्नर ने चालू वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई दर अनुमान में कटौती की है. उन्होंने FY26 के लिए महंगाई दर 2.6% से घटाकर 2% किया है. बता दें कि RBI ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे घटाकर 5.25% कर दिया है.
आरबीआई गवर्नर के मुताबिक Q2FY27 महंगाई दर अनुमान 4% है. फेस्टिव सिज़न और GST दरो में कटौती से ग्रोथ को सपोर्ट मिला है. इकोनॉमी में शानदार ग्रोथ देखने को मिल रही है. ग्रोथ के लिहाज बिता साल संतोषजनक रहा.
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक के फैसलों का ऐलान किया. केंद्रीय बैंक ने रेपो रेटो में 25 bps की कटौती की है, जिसके बाद रेपो रेट अब 5.50% से कम होकर 5.25% हो गई है. इसके अलावा, मौद्रिक नीति के रुख को 'न्यूट्रल' रखा है.
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RBI MPC की घोषणा पर इंडिया बॉन्ड्स के को-फ़ाउंडर, मिस्टर विशाल गोयनका ने कहा, हाल के महंगाई आंकड़ों और बैंकिंग सेक्टर में कम इंटरेस्ट रेट्स का असर न होने को देखते हुए, RBI का रेपो रेट में 25bps की कटौती सही समय पर की गई है. दिलचस्प बात यह है कि इन्फ्लेशन की आगे की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं, जिससे अगर जरूरत पड़ी तो फाइनेंशियल ईयर खत्म होने से पहले एक और रेट कट का रास्ता खुल गया है.
इसका मकसद सरकारों और कंपनियों के लिए फंडिंग को सस्ता बनाना है और 1 लाख करोड़ रुपये के OMO खरीदारी की घोषणा से लिक्विडिटी बढ़ाने और यील्ड कर्व को फ्लैट करने में मदद मिलेगी. इसके बाद, इन्वेस्टर्स को 2-3 साल के सेगमेंट में कंपनियों से मौजूदा ऊंचे रेट्स को लॉक करने और संभावित मुनाफे के लिए लॉन्ग-टर्म सरकारी बॉन्ड खरीदने पर ध्यान देना चाहिए.
| अवधि / तिमाही | पहले का अनुमान | नया अनुमान |
|---|---|---|
| पूरा चालू वित्त वर्ष (FY) | 6.8% | 7.3% |
| दिसंबर तिमाही (Q3) | - | 7% |
| मार्च तिमाही (Q4) | - | 6.5% |
| अगले वर्ष जून तिमाही (Q1) | - | 6.7% |
| अगले वर्ष सितंबर तिमाही (Q2) | - | 6.8% |
केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 7.3% लगाया है. पहले, जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.8% रखा गया था. वहीं, इस वर्ष दिसंबर तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7% , अगले वर्ष मार्च तिमाही के लिए 6.5% , जून तिमाही के लिए 6.7% और सितंबर तिमाही के लिए 6.8% रहने का अनुमान जताया गया है.
आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़कर 686 अरब डॉलर हो गया है, जो 11 महीने का मजबूत इंपोर्ट कवर देने के लिए काफी है.
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