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RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी (RBI MPC Meet) का ऐलान करते वक्त कई अहम बातें बताईं. RBI की तरफ से रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. इसके अलावा अलग-अलग तिमाही के जीडीपी और सीपीआई के अनुमान में कुछ बदलाव जरूर किए हैं. यह बदलाव भी हर तिमाही के लिए नहीं किया गया है. कुछ तिमाही के आंकड़ों को पहले जैसा ही बरकरार रखा गया है.
वित्त वर्ष 2024 का सीपीआई अनुमान 5.4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. वहीं इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY24 में CPI के अनुमान को बढ़ा दिया गया है. इसमें बढ़ोतरी के अब नया अनुमान 6.4 फीसदी हो गया है, जो पहले 6.2 फीसदी था. वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में सीपीआई के अनुमान को 5.7 फीसदी से घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया गया है. वहीं वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में सीपीआई के अनुमान को 5.2 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. इनके अलावा वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में सीपीआई के अनुमान को भी बरकरार रखा गया है.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई के आंकड़ों के दिखाता है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्त दास ने महंगाई को लेकर राहत देने वाली बात कही है. आरबीआई गवर्नर ने अपनी स्पीच में कहा कि सितंबर में महंगाई में कमी आने की उम्मीद है. महंगाई की ऊंची दर अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है. बता दें कि जब किसी देश में वस्तुओं या सेवाओं की कीमतें सामान्य से अधिक हो जाती हैं तो इस स्थिति को महंगाई (Inflation) कहते हैं. इसे जब प्रतिशत में व्यक्त करते हैं तो यह महंगाई दर कहलाती है. किसी वस्तु की कीमत एक साल पहले क्या थी और वर्तमान में उसकी कीमत क्या है, इसके अंतर से मुद्रास्फीति का पता चलता है.
वित्त वर्ष 2024 के लिए GDP के अनुमान को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. उन्होंने बताया कि Q2FY24 में GDP अनुमान 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है. वहीं Q3FY24 में GDP का अनुमान 6 फीसदी, Q4FY24 में 5.7 फीसदी और Q1FY25 में GDP का अनुमान 6.6 फीसदी रखा गया है. आरबीआई ने जीडीपी के अनुमानों को पहले के स्तर पर बनाए रखा है.