&format=webp&quality=medium)
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि भारत का वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचा लगातार मजबूत बना हुआ है और देश अस्थिर दुनिया में स्थिरता का आधार बन गया है. गवर्नर ने यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में देश की मजबूत बुनियाद का श्रेय कम महंगाई, अच्छे विदेशी मुद्रा भंडार, कम चालू खाता घाटा और देश के बैंकों व कॉरपोरेट जगत के मजबूत बहीखाते को दिया.
मल्होत्रा ने कहा, ”यह सरकार के नीति निर्माताओं, नियामकों और विनियमित संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है. कुल मिलाकर, हाल की मुश्किलों के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत वृद्धि के साथ अच्छी तरह से स्थिर होती दिख रही है. यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत को अस्थिर दुनिया में स्थिरता के आधार के रूप में स्थापित करती है.”
रिजर्व बैंक ने FY26 के लिए ग्रोथ क रेट के अनुमान को बढ़ाया है. FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया गया है. पूरे फिस्कल के लिए महंगाई के अनुमान को घटाया गया है. FY26 के लिए महंगाई के अनुमान को अब 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया गया है.
एमपीसी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर मल्होत्रा ने कहा था कि जीडीपी ग्रोथ आउटलुक को लेकर गवर्नर दास ने कहा कि मानसून अच्छा रहा, महंगाई में लगातार देखी जा रही है और GST रिफॉर्म्स के कारण महंगाई में और गिरावट आ सकती है. हालांकि, डिमांड थोड़ा कमजोर जरूर है. इसके बावजूद रिजर्व बैंक ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाया है. FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.8% की दर से ग्रोथ कर सकती है.