Businessman or Entrepreneur: अक्सर हम बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर के बीच का अंतर नहीं समझ पाते हैं.हमको आमतौर पर यही लगता है कि ये दोनों एक ही होते हैं,लेकिन असल में ये दोनों अलग-अलग सोच और काम करने के तरीके को दर्शाते हैं.एक बिजनेसमैन वहां रास्ता चुनता है, जहां पहले से सफलता की गारंटी होती है, वहीं एक एंटरप्रेन्योर खुद का रास्ता बनाता है और नए आइडिया पर काम करता है. इन दोनों के बीच के अंतर को डिटेल्स में समझकर सारा कंफ्यूजन दूर करते हैं.
1/5बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर दोनों का नाम तो आपने सुना ही होगा. लेकिन इन दोनों के बीच में खास अंतर होता है जिसके बारे में लोग कम ही पड़ते हैं. तो अब आप बिजनेसमैन या एंटरप्रेन्योर के चक्कर में ना पड़ें, असल में ये दो अलग सोच हैं.क्योंकि बिजनेसमैन मतलब वो जो बनी-बनाई, मुनाफे वाली राह पर चलता है, जहां रिस्क कम होता है, लेकिन एंटरप्रेन्योर? वो तो 'खिलाड़ी' है,जो नए, तूफानी आइडिया के साथ खुद का अनदेखा रास्ता बनाता है और भले ही जोखिम कितना भी हो.तो चलिए दोनों के बीच का सारा अंतर आदि डिटेल्स में समझेंगे.
2/5बिजनेसमैन वो होता है जो किसी पुराने,सैटेल्ड बिजनेस मॉडल को फॉलो करके अपना काम शुरू करता है.बिजनेसमैन का मकसद होता है मुनाफा कमाना और एक ऐसे सेक्टर में काम करना जो मार्केट में पहले से डिमांड में हो. असल में इसमें रिस्क कम होता है क्योंकि उस मॉडल को पहले ही कुछ लोग सक्सेज से यूज कर चुके होते हैं.जैसे कि साड़ी शॉप, किराना स्टोर, फर्नीचर शोरूम, गारमेंट शॉप चलाने वाले लोग बिजनेसमैन कहलाते हैं.
3/5बता दें कि बिजनेसमैन से अलग होता है एंटरप्रेन्योर. असल में एंटरप्रेन्योर वो होता है जिसके पास कोई यूनिक आइडिया होता है और वह एकदम नए बिजनेस को मार्केट में शुरू करता है, जिसको हम स्टार्टअप भी कहते हैं. एंटरप्रेन्योर में खुद के लिए रिस्क लेने को तैयार रहते हैं और मार्केट में कुछ और यूनिक लेकर आते हैं.जैसे कि मार्क जुकरबर्ग (फेसबुक), बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट), स्टीव जॉब्स (एप्पल), लैरी पेज (गूगल) जैसे लोग एंटरप्रेन्योर माने जाते हैं.
4/5आमतौर पर यही होता है कि लोग बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर को एक जैसा ही मान लेते हैं.लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, क्योंकि असल में तो ये दोनों एक दूसरे अलग हैं, दोनों की सोच, काम करने का तरीका और टारगेट तक एक दम अलग होता है. एंटरप्रेन्योर नया आइडिया लेकर मार्केट में कदम रखता है और अपना खुद का एक नया मार्केट रेडी करता है, जबकि बिजनेसमैन इसके बिल्कुल अलग होता है वो किसी पुराने और आजमाए हुए आइडिया को फॉलो करता है, जो पहले से मौजूद मार्केट में दमखम दिखा रहा होता है.यानी कि एंटरप्रेन्योर ज्यादा जोखिम उठाता है और इनोवेशन पर फोकस भी करता है, वहीं बिजनेस मैन सेफ बिजनेस का रास्ता चुनते हैं क्योंकि वो मुनाफे को प्राथमिकता ज्यादा देते हैं.
5/5आपको बता दें कि एक एंटरप्रेन्योर केवल बिजनेस शुरू नहीं करता, बल्कि इनोवेशन का वो रूप होता है जिसमें रिसोर्सेज का बेहतर तालमेल बैठाते हैं. वहीं, बिजनेसमैन का टारगेट होता है सेफ और अच्छा मुनाफे की ओर बढ़ते रहता.वक्त जैसे-जैसे आगे बढ़ता है फ्यूचर में एक एंटरप्रेन्योर भी बिजनेस मैन बन सकता है, लेकिन दोनों की शुरुआत और सोच में सबसे बड़ा और हम फर्क होता है, जो इनको एक दूसरे से अलग बनाता है.