9 Carat Gold Jewellery Hallmarking: हॉलमार्किंग पर BIS ने बड़ा फैसला लिया है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी हॉलमार्किंग (9 Carat Gold Hallmarking) को मंजूरी दी है. नया नियम इसी जुलाई से लागू हो गया. पहले 14KT, 18KT, 20KT, 22KT, 23KT, and 24KT की हॉलमार्किंग होती थी.
1/7ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' बताया कि अब सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटरों को BIS के नए नियमों का पालन करना होगा. नए नियम के अनुसार 9 कैरेट गोल्ड (375 ppt) अब अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में आ गया है.
2/7सेनको गोल्ड के एमडी और सीईओ सुवंकर सेन ने कहा कि 9 कैरेट सोने की हॉलमार्किंग (9K Gold Hallmarking) से सोने के गहने सस्ते और खरीदने में आसान होंगे. इससे गोल्ड ज्वेलरी की बिक्री में तेजी आएगी. ग्राहकों को बजट में गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का मौका मिलेगा.
3/7ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि 9 कैरेट गोल्ड का रेट लगभग ₹37,000 से ₹38,000 प्रति 10 ग्राम हो सकता है. वहीं, 22 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी के लिए करीब 1 लाख रुपये खर्च करने होंगे.
4/79 कैरेट गोल्ड हॉलमार्किंग से गहनों की कीमत कम होगी और लोगों को सस्ता गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का ऑप्शन मिलेगा. हॉलमार्किंग से 9 कैरेट गोल्ड की 37.5% शुद्धता पक्की होगी. हॉलमार्क से ठगी से बचाव होगा और विश्वास बढ़ेगा.
5/7सरकार अब सोने के सिक्कों (Gold Coin) को लेकर नया नियम लाने जा रही है. इस प्रस्ताव के तहत अब सिर्फ BIS से मान्यता प्राप्त टकसालों को ही Gold Coin बनाने की इजाजत होगी. यानी अब कोई भी ज्वेलर अपने तरीके से सिक्के तैयार नहीं कर पाएगा.
6/7BIS एक्ट 2016 के तहत होने वाली हॉलमार्किंग इस बात की पुष्टि करती है कि गहनों और बर्तनों में कीमती धातु की कितनी मात्रा है ताकि उपभोक्ता किसी वस्तु को खरीदने से पहले उसकी शुद्धता के बारे में जान सकें.
7/7बीआईएस के मुताबिक अब हॉलमार्किंग में ये ग्रेड शामिल होंगे- 24KF, 24KS, 23K, 22K, 20K, 18K, 14K और 9K. 9K सोने में कम से कम 375 भाग प्रति हजार सोना होना चाहि. इसका मतलब है कि 9K सोना 37.5% शुद्ध होगा.