देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2020 को अपना दूसरा बजट पेश करेंगी. हर बार की तरह इस बार भी बजट से देश को बड़ी उम्मीदें हैं. उद्योगपतियों ने तो यहां तक इशारा दिया है कि बजट दुनिया को चौंका सकता है. वहीं, मिडिल क्लास का लंबा इंतजार भी इस बार बजट में खत्म हो सकता है.
1/720 जनवरी को हलवा सेरेमनी के साथ बजट की छपाई भी शुरू हो गई है. अब सिर्फ बजट आने का इंतजार है. लेकिन, इससे पहले आप ये जान लीजिए कि बजट तैयार करने में वित्त मंत्री की मदद उनकी टीम ने की. टीम में 6 सदस्य है. टीम का नेतृत्व वित्त सचिव राजीव कुमार कर रहे हैं.
2/7टीम निर्मला के पहले सदस्य, मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रमणियन हैं. सुब्रमणियन को पिछले साल ही मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया था. सुब्रमणियन ने प्रोफेसर लुईजी जिंगेल्स और रघुराम राजन के अंतर्गत शिकागो स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स में PHD की है. इस बार भी सबकी नजरें उन पर होंगी. स्लोडाउन में ग्रोथ को वापस पटरी पर लाने के लिए उनका अगला प्लान क्या होगा. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आर्थिक सर्वे भी सुब्रमणियन ने ही पेश किया था. आर्थिक सर्वे ने 5 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 8 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ हासिल करने जैसे सुझाव दिए थे.
3/7राजीव कुमार, टीम निर्मला के दूसरे अहम सदस्य हैं. राजीव 1984 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. राजीव कुमार वो ही अधिकारी हैं, जिन्होंने पब्लिक सेक्टर बैंकों के मेगा मर्जर में अहम भूमिका निभाई है. बैंकों का आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया. नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को संकट से निकालने के लिए कई योजनाएं बनाई. अब बजट में ग्रोथ बढ़ाने के लिए सरकारी खर्च को बढ़ाने के साथ उन्हें फिस्कल डेफेसिट को भी ध्यान में रखना होगा.
4/7टीम निर्मला के तीसरे अहम सदस्य अजय भूषण पांडे हैं. फिलहाल, पांडे डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू के सचिव हैं. 1984 महाराष्ट्र कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं. अजय भूषण पांडे पर पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती को लेकर पूरे देश की नजरें होंगी. अजय भूषण इससे पहले आधार बनाने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के भी प्रमुख रह चुके हैं. वहां उनकी काम की सराहना करते हुए ही मोदी सरकार में उन्होंने राजस्व विभाग में अहम जिम्मेदारी दी.
5/7टीम निर्मला के चौथे सदस्य हैं अतानु चक्रवर्ती. 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. पिछले साल उन्हें विनिवेश विभाग से आर्थिक मामलों के विभाग में ट्रांसफर किया गया था. बजट में उनकी भूमिका भी काफी बड़ी हो सकती है. क्योंकि, सबसे प्रमुख मुद्द अर्थव्यवस्था ही है. बजट में आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए कई बड़े ऐलान देखने को मिल सकते हैं.
6/7टीवी सोमनाथन, टीम निर्मला के पांचवें सदस्य. 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह इस टीम के सबसे नए साथी हैं. सोमनाथन ने 2015 में प्रधानमंत्री कार्यालय में बतौर संयुक्त सचिव भी नियुक्त थे. सोमनाथन का अनुभव ग्लोबल इकोनॉमी की समझ के लिहाज से काफी ज्यादा है. क्योंकि, वह विश्व बैंक में भी काम कर चुके हैं. सोमनाथन कलकत्ता विश्वविद्यालय से इकनॉमिक्स में PHD हैं.
7/7तुहिन कांत पांडे, टीम निर्मला के छठे अहम सदस्य हैं. बजट बनाने में इनकी भूमिका भी काफी अहम है. तुहिन कांत का BPCL और एयर इंडिया जैसी कंपनियों में विनिवेश के जरिए निजीकरण की योजना बनाने में बड़ा रोल रहा है. पांडे 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. तुहिन को पिछले साल ही DIPAM का सचिव नियुक्त किया गया था. उन पर डिसइन्वेस्टमें टारगेट को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है.