देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में तीसरी बार इजाफा हुआ है. शनिवार सुबह पेट्रोल के दाम 87 पैसे और डीजल के दाम 91 पैसे बढ़े हैं. इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर है. अब सरकार से जुड़े सूत्रों ने सफाई दी है. सूत्रों के मुताबिक 28 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट बंद होने के बाद, भारत में 76 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें जस की तस रही है. वहीं, इसी अवधि में दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल के दाम में 10 से 90 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है.
पेट्रोल में 4.74 रुपए, डीजल में 4.82 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक 15, 19 और 23 मई 2026 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने तीन चरणों में कीमतों में संशोधन किया है. इन तीन संशोधनों के बाद पेट्रोल में कुल 4.74 रुपए और डीजल में 4.82 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.
एक्साइज ड्यूटी में चार बार कटौती
- सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में हुए लगभग 5 रुपए की बढ़ोतरी, सीधे सब्सिडी देने वाली खाड़ी देशों को छोड़कर, किसी भी दूसरी बड़ी अर्थव्यस्था के मुकाबले सबसे कम है.
- रूस-यूक्रेन युद्ध और हॉर्मुज संकट के दौरान, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में चार बार कटौती की है.
- हॉर्मुज संकट के चरम पर, 27 मार्च 2026 के स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई, इससे पेट्रोल पर एक्साइज फीस महज 3 रुपए रह गया और डीजल पर शून्य कर दिया गया है.
- 27 मार्च 2026 की एक्साइज ड्यूटी कटौती से चालू वित्त वर्ष में सरकारी खजाने को लगभग 30,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है. इंटरनेशनल बाजार की महंगाई का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला गया, बल्कि खजाने ने इसे खुद उठाया है.
अन्य देशों के मुकाबले भारत में वृद्धि (23 फरवरी से 11 मई 2026 के बीच)
| देश | पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि | डीजल की कीमतों में वृद्धि |
| अमेरिका | +44.5% | +48.1% |
| पाकिस्तान | +54.9% | +44.9% |
| चीन | +21.7% | +23.7% |
| यूनाइटेड किंगडम | +19.2% | +34.2% |
| भारत | +5.0% | +5.3% |
126 डॉलर प्रति बैरल के करीब ब्रेंट क्रूड
हॉर्मुज संकट के दौरान जब ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के करीब था, तब OMCs को पेट्रोल पर 26 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 81.90 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था.
एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में एक जैसी
- पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में एक जैसी है. पेट्रोल पंपों पर कीमतों में अंतर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले अलग-अलग वैट के कारण होता है.
- सरकार के सूत्रों के मुताबिक जिन छह राज्यों में पेट्रोल की कीमत 102 रुपए प्रति लीटर या उससे कम हैं- जैसे गुजरात, यूपी, दिल्ली, हरियाणा, गोवा और असम, यह सभी बीजेपी द्वारा शासित हैं.
- केंद्र ने 27 मार्च 2026 को एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती की, तब बीजेपी शासित राज्यों ने इसका पूरा फायदा जनता को दिया है.
राज्यवर पेट्रोल और डीजल के दाम
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ऑयल बॉन्ड्स की हकीकत
सरकार के सूत्रों के मुताबिक विपक्ष द्वारा तर्क दिया जाता है कि मई 2014 में पेट्रोल 71 रुपए प्रति लीटर था. लेकिन यह कीमत उस वक्त तेल सप्लाई की वास्तविक लागत नहीं थी.
1.34 लाख करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड
- यूपीए सरकार ने 2005 से साल 2010 के बीच तेल कंपनियों को दाम में बढ़ोतरी का बोझ सहने के बदले लगभग 1.34 लाख करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे.
- 2014 की कीमत वास्तव में अगली पीढ़ी के उपभोक्ताओं पर डाला गया एक डिफर्ड टैक्स था. मौजूदा सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में 52860 करोड़ रुपए और FY26 में 36,913 करोड़ रुपए का भुगतान किया है.
- सूत्रों के मुताबिक मौजूदा सरकार ने संकट से निपटने के लिए कोई नया बॉन्ड जारी नहीं किया. पारदर्शी तरीके से एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके घाटा सहा है.