रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी, सरकार करेगी 6450 करोड़ रुपए की मदद, कच्चे माल की गारंटी

भारत सरकार ने NdFeB रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण के लिए ग्लोबल RFP जारी किया है. इसका मकसद है कि आयात निर्भरता कम करना, घरेलू वैल्यू चेन विकसित करना है.
रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी, सरकार करेगी 6450 करोड़ रुपए की मदद, कच्चे माल की गारंटी

Representative Image (AI Generated)

भारत सरकार के हेवी इंडस्ट्रीज मंत्रालय ने देश की स्ट्रैटेजिक और एनर्जी सिक्युरिटी को सुदृढ़ करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने आधिकारिक तौर पर सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना के तहत 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) की कुल क्षमता वाली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी ग्लोबल टेंडर को आमंत्रित किए हैं. पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 26 नवंबर 2025 को इस योजना को अपनी मंजूरी दी थी.

योजना का बजट 7280 करोड़ रुपए

योजना का कुल वित्तीय बजट 7280 करोड़ रुपए निर्धारित किया है. इस योजना का मकसद भारत में ही एक मजबूत घरेलू वैल्यू चेन विकसित करना है, जिससे रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के ग्लोबल बाजार में भारत की स्थिति मजबूत हो सके.

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ऑनलाइन मोड में की जाइगी बिडिंग की प्रक्रिया

  • भारी उद्योग मंत्रालय ने साफ किया है कि बिडिंग की प्रकिया ऑनलाइन मोड में की जाएगी. कंपनियों का चयन लीस्ट कॉस्ट सिस्टम (LCS) के आधार पर बेहद पारदर्शी तरीके से किया जाएगा.
  • प्रक्रिया सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल के जरिए दो चरण में होगी. दो चरणों में एक चरण तकनीकी बोली का होगा और दूसरा चरण वित्तीय बोली का होगा.
  • टेंडर डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध होने की तारीख 20 मार्च 2026 है. प्री बिड मीटिंग 7 अप्रैल 2026 को होगी. बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 28 मई 2026 और टेक्निकल बिड्स खुलने की तारीख 29 मई 2026 है.

भारत सरकार की तरफ से मिलेगी वित्तीय साहयता

भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत भाग लेने वाले योग्य लाभार्थियों को सरकार की तरफ से बड़ी वित्तीय साहयता मिलेगी ताकि वह भारत में ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित कर सके.

750 करोड़ रुपए की कैपिटल सब्सिडी

  • कुल 7280 करोड़ रुपए के प्लांड एक्सपेंडिचर में से 750 करोड़ रुपए की कैपिटल सब्सिडी के तौर पर दिए जाएंगे.
  • प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए बचे 6450 करोड़ रुपए सेल्स-लिंक्ड इंसेंटिव के रूप में निर्धारित किए गए हैं.
  • योजना के दिशा निर्देशों के मुताबिक, हर चयनित कंपनी का लाभार्थी को कम से कम 600 MTPA और सबसे ज्यादा 1200 MTPA (100 MTPA के मल्टीप्लायर में) प्रोडक्शन कैपिसिटी आवंटित की जाएगी.

क्या है रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेंट

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट दुनिया के सबसे शक्तिशाली चुंबक माने जाते हैं. इनका इस्तेमाल खास तौर से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), विंड एनर्जी (विंड टर्बाइन), हाई लेवल इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और डिफेंस प्रणालियों में होता है. इस योजना का एक और बड़ा आकर्षण यह है कि सबसे कम बोली लगाने वाली टॉप 3 कंपनियों को IREL (India Ltd) की तरफ से NdPr ऑक्साइड (कच्चा माल) की सीमित सुनिश्चित सप्लाई की जाएगी. भारत में NPr ऑक्साइड से लेकर पूरी तरह तैयार मैग्नेट तक की पूरी वैल्यू चेन स्थापित करने से देश की भारी आयात निर्भरता काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.

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