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Madhya Pradesh Budget: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का बुधवार को दूसरा बजट पेश किया गया. यह बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ से ज्यादा का है, इसमें कोई नया कर नहीं लगाया गया है. राज्य के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मोहन सरकार का दूसरा आम बजट पेश किया, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है. यह बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ से अधिक का है. इस बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही पुराने कर में कोई बदलाव किया गया है. इस तरह राज्य में कोई भी सामान सस्ता या महंगा नहीं होगा.
राज्य सरकार का यह बजट युवा, किसान, गरीब और नारी को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इन सभी के कल्याण के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं. इस बजट में 'लाडली बहन योजना' के लिए 18,500 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया. साथ ही इसे अटल पेंशन योजना से भी जोड़ने की बात कही गई है. लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,183 करोड़ रुपए का प्रावधान है. इस बजट में कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी है, क्योंकि सातवें वेतन आयोग के आधार पर महंगाई भत्ते का पुनरीक्षण 1 अप्रैल से किया जाएगा.
बजट में मजरा टोला को सड़क से जोड़ने के लिए प्रावधान किए गए हैं. एक लाख किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, वहीं 500 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने का भी प्रावधान किया गया है.वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश बजट में शिक्षा पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत 22 आईटीआई संस्थान और डिजिटल यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी. राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खोला जाएगा. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। वहीं, तीन लाख नौकरियां भी मिलने के आसार हैं.
मध्य प्रदेश के बजट में किसी नए टैक्स का प्रावधान नहीं किया गया है, इतना ही नहीं पुराने कर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा गीता भवन के लिए 100 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 80 करोड़ रुपए और अविरल निर्मल नर्मदा के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान है. बजट पर मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा है कि, 'वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹4,21,032 करोड़ का यह बजट ऐतिहासिक है, जो विकसित मध्यप्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा.'