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Indian Restaurant, Representative Image (Photo Credit:Pexels)
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और उसके कारण उपजे LPG संकट ने देश की रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की कमर तोड़कर रख दी है. गैस की भारी कमी के कारण इस अहम सेक्टर को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक गैस संकट के कारण देश की रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हर महीने लगभग 79,000 करोड़ रुपए तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालत की गंभीरता का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुल बिजनेस एक्टिविटी में 15 से 20 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है. गौरतलब है कि रेस्टोरेंट इंडस्ट्री देश के रिटेल और इंश्योरेंस सेक्टर के बाद तीसरा सबसे बड़ा सेक्टर है.
LPG संकट में सर्वाइव न कर पाने के कारण करीब 10 फीसदी रेस्टोरेंट को अस्थायी तौर पर अपने शटर को गिराना पड़ रहा है. गैस की कमी का सीधा और सबसे बड़ा असर रेस्टोरेंट के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशन्स पर पड़ा है.
LPG संकट के कारण सर्विस की गिरती क्वालिटी और मेन्यू में डिशेज में कटौती के कारण लोगों ने भी बाहर जाकर खाना कुछ कम कर दिया है, जिससे रेस्टोरेंट, QSR चेन और फूड डिलीवरी कंपनियों पर हर तरफ से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.
दूसरे ऑपशन्स की तरफ भी रुख
LPG संकट, ऑपरेशन्स में 50 फीसदी तक की कटौती, गिरती बिजनेस एक्टिविटी और फूड डिलवरी में आ रही इन तमाम दिक्कतों का असर कुछ प्रमुख स्टॉक्स पर पड़ सकता है. इन स्टॉक्स में जुबलिएंट फूड्स, देव्यानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स, वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड, जोमेटो (एटरनल) और स्विगी जैसे फूड चेन और क्विक कॉमर्स शामिल हैं.