LPG संकट ने तोड़ी रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की कमर, हर महीने 79000 करोड़ के नुकसान का अनुमान, 10% होटल पर लगे ताले

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण उपजे LPG संकट के कारण देश के रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया है. इससे रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हर महीने 79 हजार करोड़ रुपए तक का भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.
LPG संकट ने तोड़ी रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की कमर, हर महीने 79000 करोड़ के नुकसान का अनुमान, 10% होटल पर लगे ताले

Indian Restaurant, Representative Image (Photo Credit:Pexels)

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और उसके कारण उपजे LPG संकट ने देश की रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की कमर तोड़कर रख दी है. गैस की भारी कमी के कारण इस अहम सेक्टर को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक गैस संकट के कारण देश की रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हर महीने लगभग 79,000 करोड़ रुपए तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालत की गंभीरता का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुल बिजनेस एक्टिविटी में 15 से 20 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है. गौरतलब है कि रेस्टोरेंट इंडस्ट्री देश के रिटेल और इंश्योरेंस सेक्टर के बाद तीसरा सबसे बड़ा सेक्टर है.

10% रेस्टोरेंट अस्थायी तौर पर बंद

LPG संकट में सर्वाइव न कर पाने के कारण करीब 10 फीसदी रेस्टोरेंट को अस्थायी तौर पर अपने शटर को गिराना पड़ रहा है. गैस की कमी का सीधा और सबसे बड़ा असर रेस्टोरेंट के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशन्स पर पड़ा है.

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काम के घंटों में कटौती

  • गैस बचाने के लिए रेस्टोरेंट मालिकों को मजबूरन अपने काम करने के घंटों में भी कटौती करनी पड़ रही है.
  • रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू को भी छोटे कर दिए हैं ताकि वही खाना परोसा जाए, जिसमें गैस की खपत कम होती है.
  • केवल रेस्टोरेंट ही नहीं बल्कि प्रमुख क्विक सर्विस रेस्टोरेंट चेन फिलहाल अपनी कुल क्षमता के मात्रा 50 फीसदी पर ही काम कर रही है.
  • गैस और संसाधनों की कमी क कारण कई स्टोर (अलग-अलग आउटलेट्स) के ऑर्डर अब एक ही मुख्य स्टोर से पूरे किए जा रहे हैं. इसका सीधा असर ऑर्डर डिलीवरी के समय और सर्विस की क्वालिटी पर पड़ रहा है.

डिशेज में भी कटौती

LPG संकट के कारण सर्विस की गिरती क्वालिटी और मेन्यू में डिशेज में कटौती के कारण लोगों ने भी बाहर जाकर खाना कुछ कम कर दिया है, जिससे रेस्टोरेंट, QSR चेन और फूड डिलीवरी कंपनियों पर हर तरफ से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

दूसरे ऑपशन्स की तरफ भी रुख

  • गैस संकट से निपटने और LPG पर निर्भरता कम करने के लिए रेस्टोरेंट इंडस्ट्री तेजी से दूसरे ऑप्शन्स को ओर रुख कर रही है.
  • वर्तमान में करीब 60 से 70 फीसदी रेस्टोरेंट LPG के ऑप्शन के तौर पर अब इंडेक्शन और दूसरे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे ऑपरेशन्स ठीक ढंग से चल सके.
  • अनुमान के मुताबिक साल 2026 में इस इंडस्ट्री का कुल टर्नओवर 6.46 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच जाएगा.
  • रेस्टोरेंट सेक्टर से देश में 80 लाख लोगों को सीधा रोजगार मिलता है. मौजूदा संकट के कारण 80 लाख में से 5 से 7 लाख नौकरियों पर सीधा खतरा पैदा हो सकता है.

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इन स्टॉक्स पर दिख सकता है एक्शन

LPG संकट, ऑपरेशन्स में 50 फीसदी तक की कटौती, गिरती बिजनेस एक्टिविटी और फूड डिलवरी में आ रही इन तमाम दिक्कतों का असर कुछ प्रमुख स्टॉक्स पर पड़ सकता है. इन स्टॉक्स में जुबलिएंट फूड्स, देव्यानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स, वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड, जोमेटो (एटरनल) और स्विगी जैसे फूड चेन और क्विक कॉमर्स शामिल हैं.

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