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देश में बढ़ती महंगाई परेशानी का कारण बन रही है.लेकिन अब आम लोगों की चिंता के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. बैंक ऑफ बड़ौदा की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) की तीसरी तिमाही में इन्फ्लेशन रेट लिमिटेड दायरे में बनी रह सकती है.इस रिपोर्ट का मानना है कि इस दौरान अहम इन्फ्लेशन दर करीब 0.4 प्रतिशत रहने के चांस है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान 0.6 प्रतिशत से भी कम है.तो फिर इसका डायरेक्ट मतलब ये है कि आने वाले महीनों में इन्फ्लेशन आम लोगों की जेब पर ज्यादा भारी नहीं पड़ेगी.
आपको बता दें ति बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि फूड आइटम के प्राइस में नरमी और कोर इंफ्लेशन के स्थिर रहने से इन्फ्लेशन पर कंट्रोल बना हुआ है. भले ही हाल के दिनों में कुछ सब्जियों के दामों में हल्की तेजी देखने को मिली हो, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई बैलेंस बनी रह सकती हैं. रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई दर लगातार RBI के तय टारगेट के निचले स्तर से नीचे बनी हुई है, जो इकॉनोमी के लिए एक पॉजिटिव संकेत है.
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नवंबर महीने में रिटेल इन्फ्लेशन रेट केवल 0.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले साल नवंबर में दर्ज 5.5 प्रतिशत के मुकाबले काफी कम है. इन्फ्लेशनमें आई इस बड़ी गिरावट के पीछे दो अहम वजहें बताई गई हैं,पहली, पिछले साल का ऊंचा बेस और दूसरी, फूड इन्फ्लेशन का नवंबर में -3.9 प्रतिशत पर पहुंचना.
फूड आइटम की बात करें तो बीते महीने सब्जियों की कीमतों में 22.20 प्रतिशत, दालों और उनसे जुड़े प्रोडक्शन में 15.86 प्रतिशत और मसालों में 2.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दस फेमस फूड लिस्ट में से पांच में महंगाई दर अभी भी 4 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है.
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हालांकि, मौसमी कारणों की वजह से सब्जियों और अंडों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है.असल में दिसंबर की शुरुआत में टमाटर, प्याज और आलू के दाम कुछ बढ़े हैं. पहले 11 दिनों में टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर करीब 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बावजूद, अगर कुल आंकड़ों को देखा जाए तो इन सब्जियों की कीमतें अभी भी पिछले साल के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कम हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा का मानना है कि मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए आने वाले समय में महंगाई और नीचे आ सकती है. इससे न केवल आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, FY26 की तीसरी तिमाही में महंगाई को लेकर हालात फिलहाल नियंत्रण में नजर आ रहे हैं.
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खबर से जुड़े 5 FAQs
Q1. FY26 की तीसरी तिमाही में महंगाई कितनी रहने का अनुमान है?
बैंक ऑफ बड़ौदा के अनुसार महंगाई करीब 0.4% रह सकती है.
Q2. यह RBI के अनुमान से कम क्यों है?
RBI ने 0.6% का अनुमान दिया था, लेकिन खाद्य कीमतों में गिरावट से महंगाई कम रहने की उम्मीद है.
Q3. नवंबर में खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
नवंबर में खुदरा महंगाई सिर्फ 0.7% दर्ज की गई.
Q4. किन चीजों की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
सब्जियां, दालें और मसाले सबसे ज्यादा सस्ते हुए हैं.
Q5. आगे महंगाई को लेकर क्या संकेत हैं?
मौजूदा ट्रेंड के अनुसार महंगाई और नीचे आ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
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