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Iran-Israel War: पिछले कुछ दिनों से हम पश्चिम एशिया में युद्ध और पेट्रोल-डीजल की बातें कर रहे थे, लेकिन अब यह मामला आपके घर के अंदर यानी किचन शेल्फ तक पहुंच गया है. LPG सिलेंडरों की लंबी लाइनों के बाद अब रिफाइंड तेल, दालें और यहां तक कि बादाम-काजू के दाम भी आपकी जेब ढीली करने वाले हैं.
दिल्ली के थोक बाजार में तो इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है. आइए, इस 'किचन इन्फ्लेशन' (रसोई की महंगाई) के ताजा आंकड़ों और बदलती बाजार नीति को विस्तार से समझते हैं.
खाद्य तेलों के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर है और समुद्री रास्तों में रुकावट का सबसे पहला असर यहीं दिखा है.
रिफाइंड तेल: थोक बाजार में इसकी कीमत ₹8-10 प्रति लीटर तक बढ़ गई है.
डालडा (Vanaspati): इसमें भारी उछाल देखा गया है, जो ₹15 प्रति किलो तक महंगा हो गया है.
असर: घर की रसोई के साथ-साथ रेस्टोरेंट और हलवाइयों के लिए भी लागत बढ़ गई है.
दालें: प्रोटीन का मुख्य स्रोत दालें अब ₹2 से ₹5 प्रति किलो महंगी हो गई हैं.
बेकरी आइटम: बिस्कुट और नमकीन के पैकेटों पर ₹15-20 तक की बढ़ोत्तरी देखी जा रही है.
डिस्पोजेबल: प्लास्टिक प्लेट, ग्लास और चम्मच जैसे आइटमों में ₹35 तक की वृद्धि हुई है क्योंकि इनका कच्चा माल (Petrochemicals) महंगा हो गया है.
ड्राई फ्रूट्स का आयात मुख्य रूप से ईरान और खाड़ी देशों से होता है. वहां युद्ध छिड़ने से सप्लाई पूरी तरह ठप है.
बादाम: पिछले 10 दिनों में सबसे ज्यादा ₹200 प्रति किलो की तेजी आई है.
काजू और किशमिश: इनमें भी ₹50 प्रति किलो का उछाल दर्ज किया गया है.
मसाले: लौंग के दाम ₹150/kg बढ़ गए हैं, जबकि तरबूज के बीज (जो मिठाइयों में इस्तेमाल होते हैं) ₹80/kg महंगे हो गए हैं.
महंगाई केवल सामानों के दाम तक सीमित नहीं है, अब आपको मिलने वाले 'फ्री गिफ्ट' भी छिन रहे हैं. दिल्ली के बड़े सुपर स्टोर्स ने अपनी रणनीति बदल दी है:
गिफ्ट में कटौती: पहले खरीदारी पर मिलने वाली बाल्टी या पेट जार (Pet Jars) जैसे प्लास्टिक आइटम अब गायब हो रहे हैं. इनकी जगह छोटे या सस्ते विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.
ऑफर खत्म: 'Buy 1 Get 1' जैसे ऑफर्स को या तो बंद किया जा रहा है या उनमें मार्जिन घटाया जा रहा है.
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पश्चिम एशिया का संकट अब केवल ख़बरों तक सीमित नहीं रहा, यह आपकी थाली का स्वाद बिगाड़ रहा है. LPG की किल्लत और खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए दोहरी मार हैं. अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में पैकेज्ड फूड (Maggi, Chips आदि) की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है. फिलहाल, दिल्ली के बाज़ारों में 'पैनिक' जैसा माहौल है, जहां लोग स्टॉक जमा करने की कोशिश कर रहे हैं.
1- बादाम की कीमत में अचानक इतनी तेजी क्यों आई?
बादाम का एक बड़ा हिस्सा ईरान और मध्य पूर्व से आता है. युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूटने से कीमतें ₹200/kg बढ़ गई हैं.
2- क्या रिफाइंड तेल के दाम और बढ़ेंगे?
हां, यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता जल्द नहीं खुलता, तो लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ने से तेल और महंगा हो सकता है.
3- सुपर स्टोर्स अपने ऑफर्स क्यों हटा रहे हैं?
सप्लाई महंगी होने और प्लास्टिक कच्चे माल (गिफ्ट्स के लिए) की कमी के कारण स्टोर्स अपना मार्जिन बचाने के लिए ऑफर्स बंद कर रहे हैं.
4- LPG की किल्लत का खाने पर क्या असर हो रहा है?
LPG न मिलने से रेस्टोरेंट्स ने कई 'Deep Fried' और 'Slow Cook' डिशेज मेनू से हटा दी हैं या उनके दाम बढ़ा दिए हैं.
5- क्या दालों की कीमतों में भी बड़ा उछाल आएगा?
फिलहाल ₹2-5 की तेजी है, लेकिन माल ढुलाई (Freight charges) बढ़ने से आगे यह बढ़ोत्तरी ₹10-15 तक जा सकती है.
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