कच्चे तेल पर बड़ी राहत! हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलेंगे भारतीय टैंकर, जयशंकर-ईरानी विदेश मंत्री की बातचीत से बनी बात

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और कच्चे तेल के दामों में लगी आग के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है. सूत्रों के मुताबिक ईरान जल्द ही भारतीय टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलने की इजाजत दे सकता है.
कच्चे तेल पर बड़ी राहत! हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलेंगे भारतीय टैंकर, जयशंकर-ईरानी विदेश मंत्री की बातचीत से बनी बात

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग और कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. सूत्रों के मुताबिक ईरान ने भारतीय टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने की मंजूरी मिल सकती है. 10 मार्च को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर की बातचीत हुई थी. इससे पहले ईरान ने कहा था कि हॉर्मुज से एक लीटर तेल भी नहीं गुजरने देगा. हालांकि, इसपर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं आई है.

विदेश मंत्री ने लिखा था पोस्ट

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि," ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ मौजूदा संघर्ष के ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा की गई है. हमने आगे भी एक दूसरे के कॉन्टैक्ट में रहने पर सहमति जाहिर की है."

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100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा ब्रेंट क्रूड

  • ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों पर हमले किए थे. इसमें भारत आ रहे थाइलैंड के एक जहाज पर भी हमला हुआ था. हमलों से तेल की कीमतों में 9 फीसदी की तेजी आई है.
  • इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ब्रेंट क्रूड ऑयल एक बार फिर उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है.
  • अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड भी 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
  • गुरुवार तड़के इराक के बसरा बंदरगाह के शिप टू शिप ट्रांसफर एरिया में जहाजों को निशाना बनाकर हमला किया गया है.
  • इराक की स्टेट ऑयल मार्केटिंग ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, जिन दो टैंकरों को निशाना बनाया गया है, वे 'सेफसी विष्णु' (मार्शल आइलैंड्स का झंडा) और जेफिरोस (माल्टा का झंडा) थे.
  • घटना के बाद इराक के सभी तेल टर्मिनल्स पर कामकाज अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है, हालांकि, कमर्शियल बंदरगाह अभी भी खुले हुए हैं.

UNSC ने पारित किया प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ईरान से अपने पड़ोसी देशों पर हमला रोकने की मांग की थी, लेकिन ईरान ने इसे नजरअंदाज किया गया है.

ईरान के हमले से किस देश को कितना नुकसान

  • दुबई के तट पर एक कंटेनर जहाज पर मिसाइल से हमला हुआ है. इसके अलावा,दुबई के क्रीक हार्बर के एक टावर पर ड्रोन टकराने से आग लग गई है.
  • ईरान के एक हमले से बहरीन में मुर्हरक द्वीप पर भीषण आग लग गई है. धुएं के कारण लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है.
  • सऊदी अरब की राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक इलाके और शेबाह तेल एरिया को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए गए थे, जिन्हें सऊदी अरब ने मार गिराया.
  • कुवैत की रिहायशी इमारत पर ईरानी ड्रोन के टकराने से दो लोग घायल हो गए थे.

तेल से फिर बिगड़ेगा बाजार का खेल?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 40 करोड़ रुपए के बैरल तेल रिजर्व में से जारी करने का ऐलान किया है. ऑयल रिजर्व से अब तक का सबसे ज्यादा तेल निकालने की घोषणा की गई थी. वहीं, ईरान ने कहा कि हमले नहीं रुके तो $200 तक जाएंगे क्रूड के दाम. ईरान ने अब हॉर्मुज को युद्ध का सेंटर बना दिया है. कच्चे तेल के दम पर पूरी दुनिया को डराने की स्ट्रैटेजी है. साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिकी बैंकों को निशाना बनाने की बात कही है.

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