रुपए ने दिखाया डॉलर के मुकाबले अपना दम, 6 सालों की सबसे बड़ी तेजी

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में तेजी जारी है. मार्च के महीने में भारतीय रुपए ने पिछले 6 सालों की सबसे बड़ी मंथली तेजी दिखाई है.
रुपए ने दिखाया डॉलर के मुकाबले अपना दम, 6 सालों की सबसे बड़ी तेजी

Indian rupees perfromance.

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में तेजी जारी है. मार्च में अब तक अमेरिकी मुद्रा की तुलना में रुपया 2 फीसदी से अधिक बढ़ चुका है. यह नवंबर 2018 के बाद स्वदेशी मुद्रा का अब तक का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन है. डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) का भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी करना और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी को माना जा रहा है.

6 सेशन में 6 अरब डॉलर का FPI इन्फ्लो

फरवरी में वैश्विक अस्थिरता और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो 87.95 पर पहुंच गया था. तब से रुपए में एक मजबूत रिकवरी देखने को मिली है. मौजूदा समय में, डॉलर के मुकाबले रुपया 85.58 पर है. रुपए में तेजी की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी करना है. गुरुवार के कारोबारी सत्र में FPI ने करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश भारतीय इक्विटी बाजार में किया. वहीं, बीते छह कारोबारी सत्र में FPI 6 अरब डॉलर से अधिक की इक्विटी खरीद चुके हैं.

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बॉन्ड बाजार में आ रहा भर-भर कर विदेशी निवेश

इसके अलावा, अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कमी की संभावना के कारण देश के बॉन्ड मार्केट में भी बड़ी संख्या में विदेशी निवेशक निवेश कर रहे हैं. अब तक मार्च में भारतीय बॉन्ड्स में 3 अरब डॉलर से ज्यादा का प्रवाह आ चुका है. रुपए में तेजी की एक वजह दुनिया की बड़ी करेंसी के खिलाफ अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाने वाले डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आना है, जो अब गिरकर 104 पर आ गया है. फरवरी में यह 108 के करीब था.

फेड के रेट कट से डॉलर इंडेक्स में कमजोरी

डॉलर इंडेक्स में कमजोरी का कारण अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दर में कटौती के संकेत देना है. आखिरी फेड बैठक में जारी बयान में कहा गया कि इस साल दो बार ब्याज दरों में कटौती हो सकती है. ऐसा माना जाता है कि जब भी अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती होती है तो डॉलर दुनिया की अन्य बड़ी मुद्राओं के खिलाफ कमजोर होता है.

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