&format=webp&quality=medium)
Inflation: अक्टूबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर घटकर –1.21% पर आ गई. सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 की तुलना में यह नकारात्मक महंगाई मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में आई कमी के कारण हुआ है.
अक्टूबर में थोक महंगाई दर के नकारात्मक जोन में रहने की वजह खाद्य उत्पादों, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस, इलेक्ट्रिसिटी और मिनरल ऑयल एवं अन्य की कीमतों में कमी आना है।
बीते महीने खाद्य उत्पादों में थोक महंगाई दर -5.04% रही है, जो कि सितंबर में -1.99% थी. यह दिखाता है कि थोक उत्पादों की कीमतें पिछले साल के मुकाबले घटी हैं. दूसरी तरफ ईंधन और ऊर्जा में थोक महंगाई दर अक्टूबर में 1.12% रही है.
मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों में थोक महंगाई दर अक्टूबर में -0.07% रही है. 22 श्रेणियों में से सात में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें केमिलकल, बेसिक मेटल और मोटर वाहन शामिल हैं.
वहीं, कपड़ा, खाद्य उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और विद्युत उपकरण जैसी 11 श्रेणियों में कीमतों में वृद्धि हुई। चार श्रेणियों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
थोक महंगाई दर का नकारात्मक रहना अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि यह कंपनियों के लिए कच्चे माल और उत्पादन की लागत को कम करता है.
थोक महंगाई में आई यह गिरावट दर्शाती है कि सप्लाई साइड पर कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जबकि ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज़ में नरमी का सीधा प्रभाव घरेलू बाजार पर दिख रहा है. उद्योग जगत के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि कच्चे माल की लागत कम होने से उत्पादन लागत पर दबाव घटता है.

इससे पहले बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में रिकॉर्ड 0.25% के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो कि सितंबर में 1.44% थी. यह मौजूदा सीपीआई सीरीज में दर्ज की गई अब की सबसे कम महंगाई दर है.
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए डेटा में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में महंगाई दर अक्टूबर में -0.25% रही है, जबकि सितंबर में यह 1.07% थी. वहीं, शहरी क्षेत्र में महंगाई दर 0.88% रही है, जबकि सितंबर में यह 1.83% थी.
खाद्य महंगाई दर अक्टूबर में -5.02% रही है, जो दिखाता है कि खाद्य उत्पादों की कीमतें सालाना आधार पर कम हुई हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर अक्टूबर में -4.85% रही है. इस दौरान शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर -5.18% रही है.
Q1. अक्टूबर 2025 में थोक महंगाई (WPI) कितनी रही?
अक्टूबर 2025 में WPI महंगाई दर –1.21% दर्ज की गई.
Q2. WPI महंगाई निगेटिव क्यों हुई?
खाद्य वस्तुओं, कच्चे तेल–प्राकृतिक गैस, बिजली, मिनरल ऑयल और बेसिक मेटल्स की कीमतों में गिरावट की वजह से.
Q3. नकारात्मक WPI महंगाई का क्या मतलब होता है?
इसका मतलब है कि थोक स्तर पर कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में घटी हैं यानी महंगाई नहीं, बल्कि कीमतों में कमी दर्ज हुई है.
Q4. इसका उद्योगों पर क्या असर पड़ेगा?
कच्चे माल और ऊर्जा कीमतें घटने से उत्पादन लागत कम होती है, जिससे उद्योगों को राहत मिलती है.
Q5. क्या इससे RBI की मौद्रिक नीति पर असर पड़ेगा?
अगर कीमतों में नरमी जारी रहती है, तो RBI को दरों पर निर्णय में लचीलापन मिल सकता है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)