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West Asia संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम!
West Asia में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने ऊर्जा सेक्टर में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि देश में ईंधन की सप्लाई पर कोई असर न पड़े. सरकार का फोकस साफ तौर पर सप्लाई चेन को स्थिर रखना और संभावित जोखिमों के लिए पहले से तैयारी करना है.
सरकार ने Natural Gas and Petroleum Products Distribution Order, 2026 को लागू किया है, जिससे PNG पाइपलाइन बिछाने और विस्तार की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक इस फ्रेमवर्क से PNG नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा, आखिरी उपभोक्ता तक गैस की पहुंच बेहतर होगी और क्लीन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा. यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में LPG सप्लाई पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है. किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के यहां “dry-out” की स्थिति नहीं है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारू तरीके से काम कर रही है. यह दिखाता है कि मौजूदा तनाव के बावजूद सरकार ने सप्लाई सिस्टम को स्थिर बनाए रखा है.
मंत्रालय के अनुसार LPG की ऑनलाइन बुकिंग अब करीब 98% तक पहुंच चुकी है, जिससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और तेज हुई है. इसके अलावा Delivery Authentication Code (DAC) के जरिए डिलीवरी का प्रतिशत बढ़कर करीब 93% हो गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुंचे और किसी तरह का दुरुपयोग न हो.
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सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 11 अप्रैल 2026 को 52.3 लाख से ज्यादा घरेलू LPG सिलेंडर डिलीवर किए गए. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश में सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और बढ़ती मांग को भी आसानी से पूरा किया जा रहा है. इससे उपभोक्ताओं के बीच भरोसा भी बना हुआ है.
सरकार ने कमर्शियल LPG की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं. कुल आवंटन को बढ़ाकर प्री-क्राइसिस स्तर के करीब 70% तक पहुंचाया गया है, जिसमें 10% सुधार आधारित अतिरिक्त आवंटन भी शामिल है. इसका मकसद व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है.
माइग्रेंट मजदूरों को राहत देने के लिए सरकार ने 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की दैनिक उपलब्धता दोगुनी कर दी है. ये सिलेंडर राज्य सरकारों के पास रहेंगे और जरूरतमंद मजदूरों को Oil Marketing Companies की मदद से वितरित किए जाएंगे. इसके लिए देशभर में लगभग 3300 जागरूकता कैंप लगाए गए हैं और अब तक 35,800 से ज्यादा सिलेंडर बेचे जा चुके हैं.
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सरकार ने निर्देश दिया है कि घरेलू PNG और CNG ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 100% सप्लाई सुनिश्चित की जाए ताकि आम लोगों और सार्वजनिक परिवहन पर कोई असर न पड़े. साथ ही CGD कंपनियों को commercial PNG कनेक्शन को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से नेटवर्क विस्तार के लिए मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है.
उपलब्ध गैस स्टॉक और आने वाले LNG कार्गो को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उर्वरक प्लांट्स को गैस सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया है. यह सप्लाई अब बढ़कर पिछले छह महीने के औसत खपत के करीब 95% तक पहुंच जाएगी. इससे कृषि क्षेत्र पर संभावित असर को कम करने में मदद मिलेगी.
सरकार ने Compressed Biogas (CBG) के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल स्टेट पॉलिसी तैयार की है. जो राज्य इस पॉलिसी को अपनाएंगे, उन्हें अतिरिक्त कमर्शियल LPG आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी. यह कदम देश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
मार्च 2026 से अब तक 4.24 लाख नए PNG कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, जबकि 4.66 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. यह आंकड़े दिखाते हैं कि गैस नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है और लोगों का रुझान भी क्लीन फ्यूल की तरफ बढ़ रहा है.
पूरे घटनाक्रम से साफ है कि सरकार दो स्तर पर काम कर रही है- पहला, मौजूदा सप्लाई को बिना रुकावट बनाए रखना और दूसरा, लंबी अवधि के लिए गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना. West Asia में बढ़ते तनाव के बीच यह रणनीति दिखाती है कि सरकार सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं दे रही, बल्कि पहले से तैयारी करके ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रही है.
FAQs
1. सरकार ने कौन सा नया ऑर्डर जारी किया है?
Natural Gas and Petroleum Products Distribution Order, 2026 लागू किया गया है.
2. क्या LPG सप्लाई प्रभावित हुई है?
नहीं, सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कोई कमी नहीं है.
3. PNG नेटवर्क बढ़ाने से क्या फायदा होगा?
आखिरी उपभोक्ता तक गैस पहुंच आसान होगी और क्लीन फ्यूल का इस्तेमाल बढ़ेगा.
4. मजदूरों के लिए क्या सुविधा दी गई है?
5Kg सिलेंडर की उपलब्धता दोगुनी की गई है और राज्यों के जरिए वितरण हो रहा है.
5. फर्टिलाइजर सेक्टर को क्या राहत मिली है?
गैस सप्लाई बढ़ाकर करीब 95% तक कर दी गई है ताकि उत्पादन प्रभावित न हो.