भारत को दोहरी बड़ी राहत! चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने दी 6 महीने की छूट, चीन से रेयर अर्थ मिनिरल्स आयात को भी मंजूरी

भारत ने रूस से तेल आयात, अमेरिकी प्रतिबंधों और चाबहार पोर्ट छूट पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. MEA ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है. अमेरिका ने चाबहार पोर्ट पर भारत को छह महीने की छूट दी है, वहीं चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स आयात की भी अनुमति मिली है.
भारत को दोहरी बड़ी राहत! चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने दी 6 महीने की छूट, चीन से रेयर अर्थ मिनिरल्स आयात को भी मंजूरी

भारत ने साफ कहा है कि उसका तेल आयात किसी दबाव में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और वैश्विक बाज़ार की वास्तविकताओं को देखते हुए तय होता है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों के फैसले वैश्विक तेल बाज़ार की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लेता है. उन्होंने कहा कि हम हाल ही में अमेरिका द्वारा रूस की कुछ तेल कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं. लेकिन भारत की स्थिति साफ है. हम अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सस्ते और विविध स्रोतों से तेल खरीदना जारी रखेंगे.

भारत की यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने कुछ प्रमुख रूसी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे रूस से तेल व्यापार प्रभावित हो सकता है. लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है जहां सस्ता और विश्वसनीय तेल मिलेगा, वहीं से खरीदा जाएगा.

चाबहार पोर्ट पर 6 महीने की छूट

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर भारत को छह महीने की छूट (exemption) दी है. यह पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है क्योंकि इसके ज़रिए भारत को अफगानिस्तान, मध्य एशिया और पूर्वी रूस तक सीधी पहुंच मिलती है. वह भी पाकिस्तान को बाईपास करते हुए.

MEA ने कहा कि यह छूट भारत-अमेरिका की ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी का संकेत है. इस दौरान भारत ईरान के साथ पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम बढ़ाएगा. चाबहार पोर्ट को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) से जोड़ने की दिशा में भी तैयारी चल रही है, जिससे भारत को रूस और यूरोप तक सस्ता व्यापार मार्ग मिलेगा.

चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स इंपोर्ट करने का लाइसेंस

MEA के मुताबिक, भारत सरकार ने हाल ही में कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) आयात करने की अनुमति दी है. ये मिनरल्स इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर एनर्जी टेक्नोलॉजी में अहम भूमिका निभाते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम भारत की ग्रीन एनर्जी और डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूत करेगा.

अफगानिस्तान के कुनार डैम प्रोजेक्ट पर भारत देगा सहयोग

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत अफगानिस्तान को जल प्रबंधन और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में मदद देने के लिए तैयार है. कुनार डैम प्रोजेक्ट को लेकर भारत ने दोहराया कि अफगानिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए देश के विकास में साझेदारी जारी रखी जाएगी. MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत पहले भी हेरात प्रांत में सलमा डैम बनाकर अफगानिस्तान की सहायता कर चुका है, और आगे भी तैयार है.

उन्होंने पाकिस्तान की उस टिप्पणी पर भी जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि भारत अफगानिस्तान में “स्ट्रैटेजिक इन्फ्लुएंस” बढ़ा रहा है. जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि उसे सीमापार आतंकवाद फैलाने का अधिकार है, लेकिन यह रवैया अब नहीं चलेगा. भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता और स्थिरता का समर्थन करता है.

ताजिकिस्तान एयरबेस समझौता खत्म

MEA ने बताया कि भारत और ताजिकिस्तान के बीच एयरबेस विकास और पुनर्वास को लेकर जो द्विपक्षीय समझौता था, वह 2022 में समाप्त हो चुका है. उसके बाद भारत ने वह सुविधा ताजिकिस्तान सरकार को सौंप दी. अब वहां भारत की कोई सक्रिय सैन्य उपस्थिति नहीं है, हालांकि रक्षा सहयोग के अन्य आयाम जारी हैं.

2,790 भारतीय अब तक विदेशों से डिपोर्ट किए गए

विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि जनवरी 2025 से अब तक 2,790 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को विदेशों से डिपोर्ट किया गया है. हालांकि, MEA ने यह भी कहा कि यह आंकड़ा कई देशों में विज़ा नियमों के उल्लंघन और अवैध प्रवास से जुड़ा है. सरकार ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए विदेशों में जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है.

भारत-जापान संबंधों पर पीएम मोदी और जापानी प्रधानमंत्री की चर्चा

MEA ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री ने हाल ही में द्विपक्षीय रिश्तों, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर चर्चा की. दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत-जापान की साझेदारी अहम भूमिका निभाएगी.

FAQs

1. क्या भारत अब भी रूस से तेल खरीद रहा है?
हां, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस सहित कई देशों से सस्ता तेल खरीदता रहेगा.

2. अमेरिका ने चाबहार पोर्ट पर भारत को कितनी छूट दी है?
अमेरिका ने भारत को छह महीने की छूट दी है, ताकि पोर्ट से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रह सके.

3. कुनार डैम में भारत की क्या भूमिका होगी?
भारत अफगानिस्तान को जल प्रबंधन और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में तकनीकी और वित्तीय मदद देने के लिए तैयार है.

4. ताजिकिस्तान एयरबेस समझौते की स्थिति क्या है?
यह समझौता 2022 में समाप्त हो गया था, और अब वह सुविधा ताजिकिस्तान सरकार को सौंप दी गई है.

5. भारत से कितने नागरिक डिपोर्ट किए गए हैं?
2025 में अब तक 2,790 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को विदेशों से वापस भेजा गया है.

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