West Asia Crisis! फ्यूल को लेकर भारत का मास्टर प्लान, सरकार का दावा- LPG से लेकर पेट्रोल तक सप्लाई फुल कंट्रोल में

West Asia में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने फ्यूल सप्लाई को लेकर मजबूत तैयारी दिखाई है. LPG, PNG और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बिना रुकावट जारी है. छोटे LPG सिलेंडर की बिक्री तेजी से बढ़ी है और auto LPG की मांग में बड़ा उछाल आया है. सरकार लगातार निगरानी कर रही है.
West Asia Crisis! फ्यूल को लेकर भारत का मास्टर प्लान, सरकार का दावा- LPG से लेकर पेट्रोल तक सप्लाई फुल कंट्रोल में

LPG से लेकर पेट्रोल तक अलर्ट पर सिस्टम

West Asia में हालात थोड़े तनावपूर्ण बने हुए हैं. Iran और Strait of Hormuz जैसे अहम रास्तों को लेकर दुनिया भर में चिंता है. इसका असर तेल के दाम और सप्लाई पर पड़ सकता है. लेकिन भारत ने इस बार पहले से ही तैयारी कर ली है. सरकार साफ कह रही है कि देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है. हर स्तर पर नजर रखी जा रही है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

फ्यूल सप्लाई पूरी तरह चालू, कहीं कोई कमी नहीं

सरकार के मुताबिक देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई बिना रुके चल रही है. PNG और CNG भी आसानी से मिल रहे हैं. रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और स्टॉक भी पर्याप्त है. यानी अभी के हालात में सप्लाई को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. लोगों से कहा गया है कि घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें.

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छोटे LPG सिलेंडर से आम लोगों को राहत

सरकार ने 5 किलो वाले छोटे LPG सिलेंडर पर खास ध्यान दिया है. ये खासतौर पर उन लोगों के लिए हैं जो कम आय में काम चलाते हैं या शहरों में किराए पर रहते हैं. 23 मार्च से अब तक 17.25 लाख छोटे सिलेंडर बिक चुके हैं. इसके लिए अलग-अलग राज्यों में जागरूकता कैंप भी लगाए गए. इसका फायदा यह हुआ कि लोगों को जल्दी और आसानी से गैस मिल गई और बड़े सिलेंडर पर दबाव भी कम हुआ.

Auto LPG की मांग में जबरदस्त उछाल

इस पूरे दौर में एक दिलचस्प बदलाव ट्रांसपोर्ट सेक्टर में देखने को मिला है. लोग अब तेजी से auto LPG की तरफ बढ़ रहे हैं. PSU कंपनियों की Auto LPG बिक्री करीब 70 प्रतिशत बढ़ गई है. फरवरी में जहां रोजाना 177 मीट्रिक टन बिक्री थी, वहीं अप्रैल में यह बढ़कर करीब 301 मीट्रिक टन हो गई. कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसकी मांग ज्यादा बढ़ी है. इससे साफ है कि लोग भरोसेमंद सप्लाई वाले विकल्प की तरफ जा रहे हैं.

PNG बढ़ाने के साथ LPG सप्लाई को जोड़ा गया

सरकार ने एक नई रणनीति अपनाई है. PNG कनेक्शन बढ़ाने के साथ LPG की सप्लाई को जोड़ा गया है. 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त LPG दिया जा रहा है, लेकिन इसके साथ शर्त है कि वे PNG का इस्तेमाल बढ़ाएं.

मार्च से अब तक 4.76 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं और 5.33 लाख लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. करीब 37,500 लोगों ने LPG छोड़कर PNG अपना लिया है. इससे लंबे समय में फ्यूल सिस्टम ज्यादा आसान और स्थिर बनेगा.

हॉर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 17 अप्रैल को ही 2,500 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई और 750 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए. 263 डिस्ट्रीब्यूटर पर कार्रवाई हुई और 67 एजेंसियों को सस्पेंड किया गया. साथ ही कंट्रोल रूम और निगरानी टीम भी एक्टिव कर दी गई हैं. इससे बाजार में पारदर्शिता बनी हुई है और कृत्रिम कमी बनने से रोकी जा रही है.

Ports और Shipping पर कोई असर नहीं

वैश्विक तनाव के बावजूद भारत के पोर्ट और शिपिंग सिस्टम पूरी तरह सामान्य हैं. कहीं भी कंजेशन की खबर नहीं है. भारतीय जहाज सुरक्षित हैं और हाल ही में किसी तरह की घटना सामने नहीं आई है. सरकार ने कंट्रोल रूम बनाकर लगातार स्थिति पर नजर रखी है और अब तक हजारों कॉल संभाले गए हैं.

विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी

सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने पर भी लगातार काम कर रही है. अब तक 2,373 भारतीयों को Iran से निकालकर Armenia और Azerbaijan के रास्ते भारत लाया गया है. इनमें 1,000 से ज्यादा छात्र और कई मछुआरे शामिल हैं. जहां एयरस्पेस खुला है, वहां से फ्लाइट्स के जरिए भी लोगों की वापसी जारी है.

कीमतों पर राहत देने की कोशिश

तेल के दाम बढ़ने के खतरे को देखते हुए सरकार ने कुछ राहत भी दी है. पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है. PSU पेट्रोल पंपों पर कीमतें अभी स्थिर रखी गई हैं. साथ ही डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है ताकि घरेलू बाजार में सप्लाई बनी रहे.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या अभी भारत में फ्यूल की कोई कमी है?

नहीं, सप्लाई पूरी तरह सामान्य है.

Q2 छोटे LPG सिलेंडर क्यों बढ़ाए गए?

ताकि कम आय वाले लोगों को आसानी से गैस मिल सके.

Q3 Auto LPG की मांग क्यों बढ़ी?

लोग भरोसेमंद और वैकल्पिक फ्यूल की तरफ जा रहे हैं.

Q4 PNG कनेक्शन क्यों बढ़ाए जा रहे हैं?

ताकि LPG पर निर्भरता कम हो और सिस्टम ज्यादा स्थिर बने.

Q5 सरकार ने कीमतों पर क्या कदम उठाए हैं?

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है और कीमतों को स्थिर रखा गया है.

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